डिजिटल लॉक बना काल
बंगाली चौराहे के पास गैस सिलेंडर विस्फोट से मकान का हिस्सा ढहा — इलाज के लिए आए किशनगंज परिवार का पूरा घर उजड़ गया
इंदौर के बंगाली चौराहे के निकट बृजेश्वरी एक्सटेंशन कॉलोनी में बुधवार तड़के भीषण अग्निकांड हुआ, जिसने 8 लोगों की जान ले ली। इनमें से 6 बिहार के किशनगंज जिले के धर्मशाला रोड निवासी सेठिया परिवार के सदस्य थे, जो अपने एक सदस्य के इलाज के लिए इंदौर आए हुए थे।
मृतक विजय सेठिया (65 वर्ष) गंभीर रूप से अस्वस्थ थे और परिवार के साथ इंदौर स्थित अपने रिश्तेदार पुगलिया परिवार के घर में ठहरे हुए थे। एक रात यह परिवार मेहमान बना और दूसरी रात तक इस भयावह हादसे ने उन्हें हमेशा के लिए छीन लिया।

कैसे हुआ हादसा?पुलिस के प्रारंभिक जांच के अनुसार, कार से निकली आग तेज़ी से घर तक फैल गई और उसने अंदर रखे गैस सिलेंडरों को अपनी चपेट में ले लिया। इसके बाद एक के बाद एक सिलेंडर फटने लगे। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि मकान का एक पूरा हिस्सा भरभराकर ढह गया।
सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि घर में लगे डिजिटल लॉक विस्फोट के बाद खुल नहीं सके, जिससे अंदर सो रहे लोग बाहर निकलने में असमर्थ रहे। पड़ोसियों ने बताया कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां सूचना मिलने के लगभग एक घंटे बाद मौके पर पहुंचीं, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
हादसे की खबर जैसे ही किशनगंज पहुंची, पूरे शहर में गहरे शोक की लहर दौड़ गई। सेठिया परिवार के रिश्तेदार और परिचित तुरंत इंदौर के लिए रवाना हो गए। स्थानीय लोगों ने बताया कि परिवार पूरे इलाके में सम्मानित और मिलनसार था।
“इंदौर में हुई अग्नि दुर्घटना अत्यंत पीड़ादायक है। हादसे में दिवंगत नागरिकों को विनम्र श्रद्धांजलि। मेरी संवेदनाएं शोकाकुल परिजनों के साथ हैं। ईश्वर से दिवंगतों की आत्मा की शांति और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं।”
— मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश
फिलहाल इंदौर पुलिस और प्रशासन मामले की गहन जांच में जुटे हैं। तीन अन्य गंभीर रूप से झुलसे लोग अस्पताल में उपचाराधीन हैं। यह हादसा एक बार फिर आवासीय इलाकों में अग्नि सुरक्षा उपायों और फायर ब्रिगेड की त्वरित प्रतिक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
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