इंदौर-खंडवा रेल परियोजना को लेकर एक बड़ी खुशखबरी सामने आई है। इस महत्वपूर्ण रेल लाइन के लिए वन विभाग ने अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) जारी कर दिया है, जिससे परियोजना की सबसे बड़ी बाधा दूर हो गई है और अब इसके निर्माण कार्य को तेज़ी से आगे बढ़ाया जा सकेगा। यह रेल मार्ग उत्तर और दक्षिण भारत को जोड़ने वाला सबसे छोटा और सीधा रूट होगा, जो इंदौर के व्यापारिक और औद्योगिक विकास को नई गति देगा, साथ ही यात्रियों के लिए समय और दूरी की बचत सुनिश्चित करेगा।
मालवांचल और दक्षिण भारत के बीच बेहतर कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने वाली यह परियोजना क्षेत्र के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए एक नया युग शुरू करेगीइस परियोजना में आ रही अड़चनों को दूर करने के लिए इंदौर के सांसद शंकर लालवानी ने लगातार प्रयास किए। उन्होंने रेलवे अधिकारियों और वन विभाग के बीच संयुक्त बैठकें करवाईं, जिससे तकनीकी और प्रशासनिक प्रक्रियाएं सरल हुईं। हाल ही में उन्होंने मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मुलाकात कर परियोजना की प्राथमिकता पर जोर दिया और वन विभाग से अनुमति दिलवाने का अनुरोध किया।
सांसद शंकर लालवानी के प्रयासों से वन विभाग ने 454 हेक्टेयर भूमि पर ट्रैक निर्माण की अनुमति दी है, जो अब तक की सबसे बड़ी बाधा थी। पहले मीटरगेज से इंदौर-खंडवा की दूरी 48 किमी थी, जो ब्रॉडगेज के घुमावदार रास्ते के कारण बढ़कर करीब 80 किमी होगी, लेकिन यह फिर भी सबसे छोटा संपर्क मार्ग होगा। यह प्रोजेक्ट पिछले एक दशक से रुका हुआ था और अब इसके शुरू होने से मालवांचल को बड़ा फायदा मिलेगा
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