इंदौर। होली के बाद अब शहर रंगपंचमी के रंग में सराबोर होने को तैयार है। 8 मार्च (रविवार) को इंदौर एक बार फिर अपने अनोखे रंगोत्सव से दुनिया को आकर्षित करेगा। इस अवसर पर टोरी कॉर्नर, मारल क्लब, संगम कॉर्नर और रसिया कॉर्नर की पारंपरिक गेर के साथ हिंद रक्षक की फाग यात्रा राजवाड़ा क्षेत्र से गुजरते हुए हजारों किलो रंग-गुलाल की वर्षा करेगी।
सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक शहर में रंगों का उत्साह चरम पर रहेगा। इस दौरान जहां लव जिहाद जैसे मुद्दों पर जनजागरण के संदेश दिए जाएंगे, वहीं महाकाल मंदिर की प्रतिकृति आकर्षण का केंद्र बनेगी। रंगों की मिसाइलों से आसमान में तिरंगा उकेरा जाएगा और हजारों किलो गुलाल उड़ाया जाएगा।
संगम कॉर्नर : टेसू के फूलों से बनेगा प्राकृतिक रंग
संस्था सृजन द्वारा आयोजित संगम कॉर्नर की सामाजिक समरसता रंगरंगा गेर इस वर्ष अपने 76वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। इस बार 8 हजार किलो टेसू के फूलों से लगभग 2500 किलो प्राकृतिक रंग-गुलाल तैयार किया गया है। राजवाड़ा पर बरसाना की लट्ठमार होली, राधा-कृष्ण का रास और मिसाइलों के माध्यम से आसमान में तिरंगा बनाने की विशेष प्रस्तुति आकर्षण का केंद्र रहेगी।
संस्था के अध्यक्ष कमलेश खंडेलवाल के अनुसार युवाओं को गेर से जोड़ने के लिए कॉलेजों में भी आमंत्रण पत्र वितरित किए जा रहे हैं। गेर में बांके बिहारी का ढोल, देशभक्ति का संदेश देती युवाओं की टोली और देशभक्ति गीतों पर भांगड़ा करते लोग नजर आएंगे।
रसिया कॉर्नर : लव जिहाद पर जनजागरण का संदेश
रसिया कॉर्नर की गेर का यह 53वां वर्ष है। गेर की शुरुआत सुबह 10 बजे हरिराम मंदिर में पूजा-अर्चना के साथ होगी। इसमें छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 40 वाहन शामिल होंगे, जिन्हें भगवा ध्वजों से सजाया जाएगा। संयोजक पंडित राजपाल जोशी के अनुसार झांकियों के माध्यम से लव जिहाद जैसे ज्वलंत मुद्दे पर समाज में जागरूकता का संदेश दिया जाएगा। गेर की व्यवस्था संभालने के लिए 360 वालंटियर्स भगवा हेलमेट और जैकेट पहनकर मौजूद रहेंगे।
टोरी कॉर्नर : रंगों की मिसाइलों से 150 फीट तक उड़ेगा रंग
सबसे पुरानी गेर मानी जाने वाली टोरी कॉर्नर की गेर इस बार अपने 77वें वर्ष में प्रवेश कर रही है। संस्थापक शेखर गिरि के अनुसार गेर की शुरुआत सुबह 10.30 बजे होगी। इसमें पांच टैंकरों पर लगी छह मिसाइलों के जरिए रंगीन पानी लगभग 150 फीट ऊंचाई तक उड़ाया जाएगा। इसके अलावा बोरिंग मशीनों से सूखा रंग भी उड़ाया जाएगा, जबकि ढोल पार्टी माहौल को और भी उत्सवमय बनाएगी।
मारल क्लब : मशीनों को दिया गया तोप का रूप
छीपा बाखल से निकलने वाली मारल क्लब की गेर का यह 52वां वर्ष है। इस बार रंग उड़ाने वाली बोरिंग मशीनों को तोप का स्वरूप दिया गया है, जिनसे गुलाल की बारिश की जाएगी। आयोजक अभिमन्यु मिश्रा के अनुसार तैयारियां जोरों पर हैं और इसके साथ पानी के टैंकर भी गेर में शामिल रहेंगे।
हिंद रक्षक फाग यात्रा : महाकाल मंदिर की प्रतिकृति बनेगी आकर्षण
हिंद रक्षक की फाग यात्रा नृसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से सुबह 10 बजे प्रारंभ होगी। इस वर्ष यात्रा का 28वां वर्ष है। यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति में विराजमान भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। मातृशक्तियां भगवान के रथ को खींचते हुए चलेंगी। संयोजक एकलव्य लक्ष्मणसिंह गौड़ के अनुसार तैयार किए जा रहे विग्रह में भस्म आरती के बाद होने वाले विशेष श्रृंगार का स्वरूप दर्शाया जाएगा।
यात्रा में भजन गायक गोपाल मिश्रा और सुरेश शर्मा की भजन मंडलियां भक्ति रस बिखेरेंगी, जबकि करीब एक हजार कार्यकर्ताओं का सुरक्षा दस्ता व्यवस्था संभालेगा।
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