इंदौर आरटीओ को 20 हजार वाहनों से रोड टैक्स और पेनल्टी के रूप में 400 करोड़ रुपए की वसूली करनी है, जिसके लिए तैयारियाँ शुरू कर दी गई हैं। क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय के निर्देश पर इंदौर आरटीओ ने पुराने बकायादारों की सूची तैयार की है, जिससे पता चलता है कि इन वाहनों से बड़ी रकम बकाया है। वित्तीय वर्ष 2025 में इंदौर आरटीओ को कुल 1150 करोड़ रुपए का वसूली लक्ष्य मिला है, लेकिन पिछले दो वर्षों से लक्ष्य पूरा नहीं हो पाया है। इस वजह से विभाग ने अब पुराने बकायादारों की ओर रुख किया है।
आरटीओ अधिकारी प्रदीप शर्मा के अनुसार, सूची में शामिल ज्यादातर वाहन अब चलन में नहीं हैं, कई वाहन एनओसी लेकर अन्य राज्यों या शहरों में स्थानांतरित हो चुके हैं, जबकि कुछ वाहन स्क्रैप हो चुके हैं। इतने बड़े पैमाने पर डेटा छानने और अप्रचलित वाहनों को अलग करने के लिए न तो पर्याप्त समय है और न ही स्टाफ। इसलिए यह काम चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। पहले चरण में पिछले साल के बकायादारों को कर्मचारियों में बांट दिया गया है, जो वाहन मालिकों से फोन और पते पर संपर्क कर रहे हैं। इससे टैक्स वसूली की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
जो वाहन मालिक टैक्स जमा नहीं करेंगे, उनके वाहन जब्त कर नीलाम किए जाएंगे। सूची में कई वाहन 40 से 50 साल पुराने हैं, जिनका रिकॉर्ड पुराने रजिस्टरों में है। 2002 में स्मार्ट चिप कंपनी द्वारा डेटा को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन तब तक कई पुराने वाहनों का डेटा अपडेट नहीं हो पाया। अब सारा डेटा केंद्रीय वाहन सर्वर पर है, लेकिन फिर भी कई पुराने वाहनों का डेटा या मालिकों की जानकारी नहीं मिल पा रही है, जिससे वसूली में दिक्कतें आ रही हैं।
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