इंदौर: इंदौर में शुक्रवार को जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत एक अनोखी सामजिक एकता का दृश्य देखने को मिला, जिसका नेतृत्व महापौर पुष्यमित भार्गव ने किया। जिसमें शहरवासियों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जल संरक्षण का संकल्प लिया जिसका नेतृत्व महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने किया।
यह रणजीत हनुमान मंदिर से महाराणा प्रताप को प्रतिमा तक सैकड़ों नागरिकों की यह जल संरक्षण और जल से एकजुटता जल संरक्षण और जल संवर्धन के प्रति जनचेतना का प्रतीक बनी।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस अवसर पर ‘जल गंगा रथ’ को ‘हरी झंडी’ दिखाई, जो घर-घर जाकर वर्षा जल संचयन और जल उपयोग में सावधानी जैसे विषयों पर जागरुकता फैलाएगा।
महापौर ने कहा कि जैसे स्वछता में इन्दौर देश में नंबर 1 है, अब जल संरक्षण में भी अग्रणी बनने का लक्ष्य है। उन्होने उल्टी छतरी को जल बचत का प्रतीक बताते हुए नागरिकों से अपील की कि वे “कैच द रेन” यानि बारिश के पानी की बचाने जैसे उपाय अपनाएं और भूमिजल के स्तर को बढ़ाने में सहयोग दें।
नगर निगम द्वारा अब तक 1.25 लाख रेन वॉटर सिस्टम, 156 कुएं, 28 बावड़ियों और 15 तालाबों का गहरीकरण किया जा चुका है।
कार्यक्रम में एमआईसी सदस्य, पार्षदगण, निगम अधिकारी और बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता रही। महापौर ने इस जल आंदोलन को जन-जन से जोड़ने को पह्निन करते हुए कहा, जल बचाना है, तो समाज को एकजुट होना ही होगा।
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