इंदौर शहर तेजी से देश का पहला ग्रीन मोबिलिटी हब बनने की ओर अग्रसर है। अटल इंदौर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (एआईसीटीएसएल) ने शहर में 150 नई इलेक्ट्रिक बसों को चलाने की योजना बनाई है।
फिलहाल शहर में 90 इलेक्ट्रिक बसें चल रही हैं। बीआरटीएस को ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर घोषित किया जा चुका है और यहां 30 इलेक्टरिक बसें चल रही हैं। इसके अलावा, एआईसीटीएसएल शहर के विभिन्न रूटों पर 40 छोटी इलेक्ट्रिक बसें भी चला रहा है।
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत, शहर की डीजल बसों को 150 मिडी इलेक्ट्रिक बसों से बदला जाएगा। इन बसों के लिए चंदन नगर और नायता मुंडला में नए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
शहर में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए राजीव गांधी, विजय नगर, हवा बंगला और सिलिकॉन सिटी में पहले से ही चार्जिंग स्टेशन मौजूद हैं। एआईसीटीएसएल ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत आने वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए टेंडर जारी करने की योजना बनाई है। उम्मीद है कि दिसंबर तक ये बसें शहर में आ जाएंगी और जनवरी से इनका संचालन शुरू हो जाएगा।
इंदौर के 11.5 किलोमीटर लंबे बीआरटीएस कॉरिडोर को देश का पहला ग्रीन मोबिलिटी कॉरिडोर बना दिया गया है। इसके अलावा, शहर में 5500 से अधिक इलेक्ट्रिक रिक्शा चल रहे हैं, जिससे डीजल और सीएनजी ऑटो की संख्या में कमी आई है।
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