इंदौर: शहर की प्रतिष्ठित डॉक्टर और समाजसेवी डॉ. निकिता कुशवाह ने हाल ही में आयोजित मिसेज़ यूनिवर्स प्रतियोगिता में पहली रनर-अप का खिताब जीतकर इंदौर और पूरे देश को गौरवांवित किया है। देश के सबसे स्वच्छ शहर से ताल्लुक रखने वाली डॉ. कुशवाह की यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत जीत है, बल्कि यह इंदौर की प्रतिभा और भारतीय महिलाओं की शक्ति का प्रतीक भी बन गई है।
चिकित्सा के क्षेत्र में दक्षता रखने वाली डॉ. कुशवाह ने अपनी शिक्षा इंदौर में पूरी की और अपने करियर को समाज सेवा से जोड़ा। महिला स्वास्थ्य, शिक्षा और जागरूकता अभियानों में उनकी सक्रिय भागीदारी उन्हें एक प्रेरणादायक व्यक्तित्व बनाती है। वे हमेशा इस बात की मिसाल रही हैं कि डॉक्टर का कार्य सिर्फ इलाज तक सीमित नहीं, बल्कि समाज के व्यापक हित में भी होता है।
कांस में पहली उपस्थिति – एक नई पहचान
इस साल डॉ. निकिता कुशवाह ने कांस फिल्म महोत्सव में अपने कदम रखते हुए अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनिधित्व किया। वहाँ उन्होंने सिर्फ भारतीय सिनेमा को ही नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों—विशेषकर महिला सशक्तिकरण—को भी प्रभावशाली रूप से उजागर किया। कांस जैसे वैश्विक मंच पर उनकी उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि एक डॉक्टर भी कला, संस्कृति और सामाजिक विचारों की आवाज बन सकता है।

‘फेयर गॉडेस ऑफ स्प्रिंग’: जब परिधान बना व्यक्तित्व का विस्तार
महोत्सव के दौरान डॉ. कुशवाह ने पहना वियतनामी डिज़ाइनर द्वारा निर्मित अद्वितीय गाउन—‘फेयर गॉडेस ऑफ स्प्रिंग’, जिसे तैयार करने में 3 महीने और 50 कारीगरों की मेहनत लगी। इस गाउन में जड़े गए क्रिस्टल्स और बारीक कढ़ाई ने न केवल उनकी बाहरी सुंदरता को निखारा, बल्कि उनकी आत्मा की गरिमा को भी दर्शाया। वह सचमुच वसंत की देवी की तरह मंच पर उतरीं।
प्रेरणा की मिसाल बनीं डॉ. कुशवाह
दुनिया भर के प्रतिभागियों में अपनी जगह बनाकर, डॉ. कुशवाह ने यह साबित किया है कि मेहनत, लगन और उद्देश्य से कोई भी सीमा नहीं रहती। उनकी यह यात्रा उन सभी के लिए प्रेरणा है, जो अपने पेशे से आगे बढ़कर समाज के लिए कुछ करना चाहते हैं।
डॉ. निकिता कुशवाह अब केवल एक डॉक्टर नहीं—बल्कि एक आइकन हैं, जिन्होंने दिखा दिया है कि ज्ञान, सौंदर्य और संवेदनशीलता मिलकर एक सशक्त परिवर्तन की कहानी लिख सकते हैं।
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