इंदौर – इंदौर के प्रसिद्ध मैक्सिलोफेशियल सर्जन डॉ. जयदीप सिंह चौहान और उनकी टीम द्वारा बनाई गई तीन मिनट की शॉर्ट फिल्म “द स्माइल आई वास वेटिंग फॉर” ने वैश्विक स्तर पर इंदौर को गौरवान्वित किया है। यह फिल्म लॉस एंजेलिस, म्यूनिख, मुंबई और पुणे में आयोजित चार प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में सम्मानित की गई है।
क्लेफ्ट लिप (कटे होंठ) और पैलेट (तालू में छेद) जैसी जन्मजात चेहरे की विकृतियों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से बनाई गई यह फिल्म संवेदनशील और यथार्थपूर्ण प्रस्तुति का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। इसमें दिखाया गया है कि कैसे एक सर्जरी किसी बच्चे की मुस्कान, आत्मविश्वास और पूरे जीवन को बदल सकती है।
वास्तविक घटनाओं पर आधारित इस फिल्म में उन बच्चों की भावनात्मक यात्रा साझा की गई है जिन्हें जन्म के बाद उनके जैविक माता-पिता ने त्याग दिया था। संजीवनी सेवा संगम, इंदौर संस्थान ने पिछले एक दशक में ऐसे तीन बच्चों को अपनाया और केयर सीएचएल हॉस्पिटल में स्माइल ट्रेन सेंटर के माध्यम से निःशुल्क क्लेफ्ट सर्जरी करवाई। सर्जरी के बाद इन बच्चों को स्नेहमय परिवारों ने गोद लिया, जिससे उन्हें एक नया और उज्ज्वल जीवन मिला।

फिल्म को हाल ही में चार प्रमुख अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सराहा गया—
- ग्रेट मैसेज इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, पुणे (29 अगस्त 2025): ‘सर्वश्रेष्ठ स्मार्टफोन शॉर्ट फिल्म’
- 13वां इंडियन सिने फिल्म फेस्टिवल, मुंबई (21 सितंबर 2025): ‘स्पेशल फेस्टिवल मेंशन’
- बेटर वर्ल्ड फिल्म फेस्टिवल, म्यूनिख (26 अक्टूबर 2025): ‘सनराइज ट्रॉफी विनर’
- अवेयरनेस फिल्म फेस्टिवल, लॉस एंजेलिस (26 अक्टूबर 2025): ‘मेरिट ऑफ अवेयरनेस’
स्माइल ट्रेन इंडिया के पार्टनर सर्जन के रूप में डॉ. जयदीप सिंह चौहान पिछले दो दशकों से क्लेफ्ट उपचार के क्षेत्र में अमूल्य योगदान दे रहे हैं। उनकी टीम अब तक 10,000 से अधिक बच्चों को निःशुल्क क्लेफ्ट सर्जरी प्रदान कर चुकी है। उनके अथक प्रयासों ने हजारों परिवारों को सामाजिक कलंक और पीड़ा से उबरने में सहायता दी है।
इस अवसर पर डॉ. चौहान ने कहा – “विज्ञान ऑपरेशन थियेटर में मुस्कान लौटाता है, और सिनेमा उस मुस्कान को पूरी दुनिया के साथ साझा करता है। इस फिल्म के माध्यम से हमारा संदेश है कि हर बच्चे को मुस्कुराने, सपने देखने और आत्मविश्वास से जीने का अवसर मिलना चाहिए।”
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