इंदौर। मध्य प्रदेश टैक्स कंसल्टेंट्स एसोसिएशन (एमपीटीसीए) इंदौर जोन द्वारा आयकर भवन स्थित मल्टीपर्पस हॉल में एक महत्वपूर्ण सेमिनार का आयोजन किया गया। सेमिनार में नए आयकर अधिनियम 2025 के प्रमुख प्रावधानों तथा रियल एस्टेट टैक्सेशन पर विस्तृत चर्चा की गई।
सांसद बोले — टैक्स एडमिनिस्ट्रेशन होगा आसान
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि इंदौर सांसद श्री शंकर लालवानी ने कहा कि भारत तेजी से विश्व की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो रहा है। नए आयकर अधिनियम 2025 और बजट 2026 के जरिए कर प्रशासन को सरल और लचीला बनाया गया है। TDS संबंधी कई प्रावधानों को डीक्रिमिनेलाइज किया गया है और सरकार अधिकतम ऑटोमेशन की दिशा में काम कर रही है।
78% तक पहुंच सकता है अघोषित आय पर कर — रोहित कपूर
अमृतसर से पधारे मुख्य वक्ता एडवोकेट CA रोहित कपूर ने बताया कि धारा 115BBE के तहत अघोषित आय पर लगभग 60% कर, 25% सरचार्ज और उपकर सहित प्रभावी कर दर करीब 78% तक पहुंच जाती है। उन्होंने कहा कि व्यापारिक नकद बिक्री या बैंक जमा को भी कई बार अघोषित आय मान लिया जाता है, इसलिए करदाताओं को अपने लेखा-पुस्तक और दस्तावेज सुव्यवस्थित रखने चाहिए।
रियल एस्टेट में सावधानी जरूरी
कपूर ने रियल एस्टेट लेन-देन पर चेतावनी देते हुए कहा कि यदि संपत्ति का विक्रय मूल्य स्टाम्प ड्यूटी मूल्य से कम हो, तो आयकर विभाग स्टाम्प ड्यूटी मूल्य को ही आधार मान सकता है। ₹50 लाख से अधिक की संपत्ति खरीद पर TDS काटना अनिवार्य है। Joint Development Agreement (JDA) में संपत्ति हस्तांतरण के समय ही कर दायित्व उत्पन्न होता है।
CA अनिल गर्ग की सलाह — ड्राफ्टिंग पर दें ध्यान
सेशन चेयरमैन CA अनिल गर्ग ने बिल्डर्स और डेवलपर्स को सलाह दी कि JDA की ड्राफ्टिंग और पूंजीगत संपत्ति को स्टॉक-इन-ट्रेड में बदलने का निर्णय पूरी सावधानी से लें, क्योंकि इसी पर भविष्य की कर देयता निर्भर करती है।
Thank you for reading this post!
