इंदौर: भारत के सबसे आकर्षक उभरते रियल एस्टेट बाजारों में इंदौर तेजी से अग्रणी स्थान बना रहा है। आने वाले वर्षों में शहर बड़े परिवर्तन के दौर से गुजरेगा, जो इसे सेंट्रल इंडिया के प्रमुख कमर्शियल व इंडस्ट्रियल गेटवे के रूप में स्थापित करेगा। अपनी रणनीतिक स्थिति, विश्वस्तरीय शिक्षा सुविधाओं और महत्वाकांक्षी कनेक्टिविटी परियोजनाओं के दम पर इंदौर सभी रियल एस्टेट श्रेणियों में निरंतर वृद्धि की रोचक कहानी रच रहा है। यह निष्कर्ष जेएलएल की रिपोर्ट “बियॉन्ड द मेट्रोस: इनसाइट्स इनटू इंडियाज इमर्जिंग रियल एस्टेट स्टार्स” से निकला है।
शहर की आर्थिक नींव विविध औद्योगिक आधार पर टिकी है, जो इसे एकल क्षेत्र पर निर्भर बाजारों से अलग करती है। पीथमपुर के मजबूत ऑटोमोबाइल सेक्टर में निरंतर बड़े निवेश आ रहे हैं, जबकि टेक्सटाइल व मेटल उद्योग रोजगार सृजन व आर्थिक स्थिरता में योगदान दे रहे हैं। इस विविधता ने निवेश, प्रतिभा आकर्षण और रियल एस्टेट मांग का सकारात्मक चक्र बनाया है, जो इंदौर को टियर-2 शहरों में विशिष्ट बनाता है।
जेएलएल की सीनियर मैनेजिंग डायरेक्टर– ईस्ट एंड इमर्जिंग मार्केट्स इंडिया, सुरेखा बिहानी ने कहा, “इंदौर रणनीतिक लोकेशन, मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर और आर्थिक विविधीकरण का आदर्श संगम है, जो इसे भारत का अगली पीढ़ी का कमर्शियल रियल एस्टेट गंतव्य बनाता है। 2027 तक ऑफिस स्पेस 38 प्रतिशत बढ़कर 24.9 मिलियन वर्गफुट तक पहुंचेगा। सुपर कॉरिडोर विश्वस्तरीय बिजनेस जिला बन रहा है, जबकि 35-55 रुपये प्रति वर्गफुट के ग्रेड-ए ऑफिस किराए इसे महानगरों का किफायती विकल्प बनाते हैं।”
2024 के 18 मिलियन वर्गफुट ऑफिस स्टॉक के मुकाबले 2027 तक 38 प्रतिशत वृद्धि के साथ 24.9 मिलियन वर्गफुट का अनुमान है। सुपर कॉरिडोर का नया सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट आईटी/आईटीईएस कंपनियों व ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स को आकर्षित कर रहा है, जबकि विजय नगर, एमआर-10 व निपनिया जैसे क्षेत्र 50-55 रुपये प्रति वर्गफुट किराए व 4-5 प्रतिशत वैकेंसी पर मजबूत कब्जा बनाए हुए हैं। रिटेल स्टॉक 2024 के 5.7 मिलियन वर्गफुट से बढ़कर 2027 तक 5.9 मिलियन वर्गफुट हो जाएगा, जिसमें एमजी रोड पर 150-200 रुपये प्रति वर्गफुट व बायपास क्षेत्र में 100-120 रुपये के आकर्षक किराए प्रमुख हैं।
इंदौर का लॉजिस्टिक्स व इंडस्ट्रियल सेक्टर सबसे बड़ा विकास अवसर है, जहां 26.3 मिलियन वर्गफुट स्टॉक 2027 तक बढ़ेगा व 2024 में 3.8 मिलियन वर्गफुट ग्रॉस एब्जॉर्प्शन में उछाल आएगा। मेट्रो लाइन-3 का पहला चरण 2025 में पूरा होगा, जो सुपर कॉरिडोर, विजय नगर व पीथमपुर को जोड़ेगा। कुमेड़ी इंटर-स्टेट बस टर्मिनस 80,000 यात्रियों व 1,400 बसों की क्षमता के साथ यातायात बोझ कम करेगा। गुणवत्ता डेवलपर्स व बड़े भूखंड इंदौर को बड़े पैमाने के विकास की ओर ले जा रहे हैं, जबकि विश्लेषक इसे अगले त्वरण चरण में प्रवेश मानते हैं। व्यवसायों, निवेशकों व डेवलपर्स के लिए इंदौर परिवर्तनकारी बाजार है।
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