इंदौर: नरसिंह वाटिका में चल रहे तीन दिवसीय ‘मंत्राक्ष ध्यान शिविर’ के दूसरे दिन शनिवार को साधना का अद्भुत उत्साह देखने को मिला। परम पूज्य मुनि आदित्य सागर महाराज के सानिध्य में आयोजित इस शिविर में प्रातःकालीन सामूहिक मंत्र साधना के दौरान साधकों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई। आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत वातावरण में हर आयु वर्ग के लोगों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की।
शिविर के दूसरे दिन मुनि आदित्य सागर महाराज ने एक साधक के प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, “मंत्राक्ष के माध्यम से हम स्वस्थ और समृद्ध भविष्य की दिशा में अग्रसर होते हैं।” उन्होंने मानसिक और शारीरिक उन्नति के लिए अमूल्य ‘बीजाक्षर’ भी प्रदान किए। मुनि ने बताया कि इन अक्षरों और मंत्रों का शुद्ध उच्चारण न केवल एकाग्रता को बढ़ाता है, बल्कि शरीर की आंतरिक ऊर्जा को भी सक्रिय करता है।

शिविर में आयोजित विभिन्न सत्रों को लेकर साधकों, विशेषकर युवाओं में खासा उत्साह देखा गया। दिनभर चले सत्रों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और जिज्ञासु शामिल हुए। मंत्र साधना के साथ-साथ मुनि ने जीवन प्रबंधन और तनाव मुक्ति के सरल व प्रभावी सूत्र भी साझा किए, जिनसे साधक काफी प्रेरित नजर आए।
तीन दिवसीय इस आध्यात्मिक आयोजन का समापन रविवार, 29 मार्च को होगा। आयोजकों के अनुसार, जो लोग अब तक इस शिविर में शामिल नहीं हो पाए हैं, उनके लिए यह अंतिम अवसर है। रविवार को प्रातः 5:15 बजे से मंत्र और अक्षरों के संग आत्म-साधना की गहन प्रक्रिया कराई जाएगी।
अंतिम दिन विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें मंत्र दीक्षा और पूर्णाहुति की प्रमुख क्रियाएं संपन्न होंगी।
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