इंदौर: बुधवार सुबह 10 बजे से डीडी पार्क पर एमपीपीएससी के अभ्यर्थी सड़कों पर प्रदर्शन कर रहे हैं। इंदौर में हो रहे इस प्रदर्शन के जरिए अभ्यर्थी छत्तीसगढ़ पीएससी की तर्ज पर एमपीपीएससी में सुधार की मांग उठा रहे हैं। यह आंदोलन नेशनल एजुकेशन यूथ यूनियन के बैनर तले किया जा रहा है।
न्याय यात्रा का आयोजन
बुधवार को इंदौर में अभ्यर्थियों ने एक न्याय यात्रा निकाली, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं शामिल हुए। यह यात्रा डीडी पार्क से शुरू होकर आयोग कार्यालय तक पहुंची। प्रदर्शनकारियों ने “इस बार 700 पार” का नारा लगाते हुए अपनी मांगों को लेकर आवाज बुलंद की।
रातभर ठंड में डटे रहे अभ्यर्थी
जानकारी के अनुसार, इंदौर स्थित पीएससी कार्यालय के बाहर अभ्यर्थी रातभर ठंड में बैठे रहे। कई छात्र देर रात घर लौट गए थे, लेकिन सुबह होते ही बड़ी संख्या में अभ्यर्थी पुनः कार्यालय के बाहर जुट गए। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।

शुरू किया सुंदर कांड का पाठ
सुबह से प्रदर्शन स्थल पर और भी अभ्यर्थी पहुंचने लगे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। अब उन्होंने आमरण अनशन की तैयारी भी शुरू कर दी है और कोचिंग संस्थानों से बंद रखने की अपील की है।
प्रदर्शन नेशनल एजुकेटेड यूथ यूनियन के बैनर तले चल रहा है। छात्रों ने हनुमान जी की तस्वीर स्थापित कर सुंदरकांड पाठ शुरू किया है, जिससे उनका मनोबल दोगुना हो गया है। यूनियन के पदाधिकारियों का कहना है कि जब तक आयोग की वेबसाइट पर उनकी मांगें आधिकारिक रूप से जारी नहीं होतीं, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा।
प्रमुख मांगे
अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग को अब उनकी समस्याओं का समाधान करना होगा। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित हैं:
- 2019 से मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं को सार्वजनिक किया जाए।
- 2025 की राज्य सेवा परीक्षा में 700+ और वन सेवा परीक्षा में 100 पदों पर भर्ती निकाली जाए।
- एमपीपीएससी में छत्तीसगढ़ पीएससी की तर्ज पर सुधार किए जाएं, जिसमें 100% भर्ती और 100% परिणाम सुनिश्चित हों।
अभ्यर्थियों का प्रदर्शन लगातार जोर पकड़ रहा है, और उनकी मांगे पूरी करने को लेकर प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
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