इंदौर में महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने महापौर सभाकक्ष में जलकार्य विभाग और सीवरेज विभाग की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य आगामी ग्रीष्मकाल, वर्षाकाल और सिंहस्थ 2028 के मद्देनजर नगर निगम की तैयारियों का आकलन करना था।
इस बैठक में जलकार्य प्रभारी अभिषेक शर्मा बबलु, अपर आयुक्त अभिलाष मिश्रा, कार्यपालन यंत्री संजीव श्रीवास्तव, जलप्रदाय विभाग के सहायक यंत्री, उपयंत्री, और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
महापौर ने निगम द्वारा ग्रीष्मकाल और वर्षाकाल की तैयारी की समीक्षा करते हुए जलकार्य और सीवरेज विभाग से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि पूर्व में लागू वन टाइम सेटलमेंट योजना को जलकरदाताओं से अच्छा प्रतिसाद मिला था। इसी को ध्यान में रखते हुए, 31 मार्च 2025 से पहले पुनः 10 दिनों के लिए यह योजना लागू की जाएगी, ताकि शेष जलकरदाता इसका लाभ उठा सकें।
महापौर ने नागरिकों से अपील की कि वे अवैध से वैध नल कनेक्शन हेतु चलाए जा रहे 7 दिवसीय अभियान का लाभ उठाएं। इसके अलावा, उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में पेयजल लाइन होने के बावजूद जल वितरण नहीं हो रहा है, वहां शिविर लगाकर समस्याओं को दूर किया जाए।
ग्रीष्मकाल से पहले प्रत्येक वार्ड में हायड्रेंट निर्माण और शहर के सभी 85 वार्डों में सीएनजी से संचालित वॉटर टैंकर की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही, मां नर्मदा जलापूर्ति परियोजना के चौथे चरण की समीक्षा की गई और ग्रीष्मकाल में प्रमुख स्थानों पर प्याऊ बनाने के आदेश दिए गए।
महापौर भार्गव ने सीवरेज लाइन के कार्यों को शीघ्र पूरा करने, आवश्यकतानुसार रेस्टोरेशन कार्य करने, नई जल टंकियों से जल वितरण शुरू करने, और वॉटर प्लस सर्वेक्षण के तहत कार्यों को गति देने के निर्देश दिए।
Thank you for reading this post!
