इंदौर: शहर में चिकित्सा क्षेत्र में एक उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए शैल्बी हॉस्पिटल की ट्रांसप्लांट टीम ने ब्रेन डेड डोनर से प्राप्त दोनों किडनियों का एक ही दिन में दो अलग-अलग मरीजों में सफल प्रत्यारोपण कर नई मिसाल पेश की है।
SOTTO के नियमों के तहत पहली किडनी शैल्बी हॉस्पिटल को आवंटित हुई, जिसका समय रहते सफलतापूर्वक प्रत्यारोपण कर दिया गया। इसी दौरान जानकारी मिली कि दूसरी किडनी निर्धारित केंद्र पर मरीज की गंभीर स्थिति के कारण प्रत्यारोपित नहीं हो पा रही है, जिसके चलते उसे शैल्बी हॉस्पिटल स्थानांतरित किया जा रहा है।
अस्पताल की टीम ने तत्परता दिखाते हुए वेटिंग लिस्ट में मौजूद उपयुक्त मरीज से तुरंत संपर्क किया, स्थिति से अवगत कराया और सहमति मिलने के बाद दूसरी किडनी का भी सफल प्रत्यारोपण किया। इस तरह एक ही दिन में दो सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर अस्पताल ने शहर में एक नई उपलब्धि स्थापित की।
इस जटिल प्रक्रिया की सफलता में ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. विनीत नाजा जैन और नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. राहुल शुक्ला की अहम भूमिका रही। साथ ही डॉ. शशांक चौरसिया, डॉ. विवेक चंद्रावत और डॉ. विभोर अकोतिया का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। ट्रांसप्लांट कोऑर्डिनेशन में हेमलता की भूमिका सराहनीय रही, जिनके कुशल समन्वय से पूरी प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हुई।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से डॉ. विवेक जोशी (मेडिकल सुपरिटेंडेंट), वेंकटेश्वर (सीओओ) और अभिषेक चौरसिया (डिप्टी सीएओ) का भी विशेष सहयोग रहा, जिनके मार्गदर्शन में यह जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई।
अस्पताल प्रबंधन ने डोनर के परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील और प्रेरणादायक निर्णय ही समाज में अंगदान के महत्व को सशक्त रूप से आगे बढ़ाते हैं।
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