इंदौर शहर और जिले में संपत्ति खरीदने वालों के लिए अगले वित्त वर्ष से खर्च बढ़ सकता है। शासन और स्थानीय आकलनों के आधार पर 3,000 से अधिक लोकेशन पर गाइडलाइन दरें बढ़ाने की तैयारी जोरों पर है। उप पंजीयक कार्यालय इस माह प्रस्ताव तैयार कर जिला मूल्यांकन समिति को भेजेंगे, जो मार्च मध्य तक केंद्रीय समिति के पास पहुंचेगा। इससे नई दरें तय होंगी।
रजिस्ट्री डेटा पर आधारित बढ़ोतरी
चालू वित्त वर्ष की संपत्ति रजिस्ट्री का विश्लेषण कर उन क्षेत्रों की पहचान की गई, जहां खरीद-फरोख्त गाइडलाइन दर से अधिक पर हुई। इनमें 10% से ज्यादा दस्तावेज रजिस्ट्री वाली लोकेशन को प्राथमिकता दी गई है। एआई और संपदा-2 सिस्टम के डेटा से प्रस्ताव बनाए जा रहे हैं। शासन ने 3,200 लोकेशन पर संभावित बढ़ोतरी की सूची भेजी थी, जिसमें 2,400 स्थानों पर 10%+ वृद्धि और 600 पर स्थानीय स्तर की अतिरिक्त बढ़ोतरी पाई गई।
91 नई कॉलोनियां जुड़ीं, 200 और संभावित
वित्त वर्ष के बीच में 100+ नई कॉलोनियों को गाइडलाइन में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा गया, जिनमें 91 को मंजूरी मिल चुकी है। इनकी जानकारी पोर्टल पर अपलोड हो गई है और रजिस्ट्री शुरू हो चुकी हैं। अगले वर्ष 200 नई लोकेशन जुड़ सकती हैं, बशर्ते स्वीकृत नक्शा, रेरा पंजीकरण और अन्य अनुमतियां हों।
पिछले वर्ष 20-270% तक उछाल
मौजूदा वित्त वर्ष में कई क्षेत्रों में गाइडलाइन दरें 20 से 270% तक बढ़ीं, खासकर ग्रामीण कृषि भूमि में। अधिक मूल्य पर रजिस्ट्री और भूमि अधिग्रहण विवादों को ध्यान में रखकर ये बदलाव किए गए थे।
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