द पार्क इंदौर के ऑल डे डाइनिंग रेस्त्रां एपिसेंटर में इन दिनों भारतीय खानपान की समृद्ध विरासत और देसी स्वाद का खास उत्सव मनाया जा रहा है। 16 से 29 मार्च तक चल रहे “रॉयल एंड रस्टिक – ए सेलिब्रेशन ऑफ टाइमलेस फ्लेवर्स” फूड फेस्टिवल में मेहमान देशभर की शाही रसोई और ग्रामीण किचन से प्रेरित व्यंजनों का आनंद ले रहे हैं। आयोजन रोज़ाना शाम 7 बजे से शुरू होता है, जहां परिवार और दोस्त मिलकर भारतीय पकवानों के पारंपरिक, प्रामाणिक और यादगार स्वाद का अनुभव कर सकते हैं।
भारतीय खानपान केवल स्वाद नहीं, बल्कि अपनी विरासत और परंपराओं के लिए भी जाना जाता है। कहीं राजघरानों की समृद्ध रसोई की झलक मिलती है, तो कहीं जंगल और देहात से जुड़े सादे लेकिन भरपूर स्वाद वाले व्यंजन। इसी विविधता को एक ही मंच पर पिरोने के उद्देश्य से “रॉयल एंड रस्टिक” फेस्टिवल की रूपरेखा तैयार की गई है, जिसमें मेन्यू से लेकर प्रस्तुति तक हर स्तर पर भारतीय पाक-संस्कृति की झलक दिखाई देती है।
फूड फेस्टिवल के मेन्यू में शाही पकवानों और देसी स्वादों का दिलचस्प संगम है। मेहमानों के लिए लाल मांस, जंगल मांस, मटन रोगन जोश, बटर चिकन, दाल बाटी चूरमा, राजस्थानी गट्टे की सब्जी, कढ़ी पकौड़ा, तंदूरी व्यंजन और पारंपरिक चटनियां परोसी जा रही हैं। साथ ही लाइव कुकिंग स्टेशन पर दाल बाटी, तंदूरी आइटम, बाजरे और मक्के की रोटियां, कबाब और सींक कबाब ताज़ा तैयार किए जा रहे हैं, ताकि मेहमानों को गर्मागरम, ताज़ा और प्रामाणिक स्वाद मिल सके। मिठाइयों में मालपुआ, घेवर, मूंग दाल हलवा, रबड़ी और अन्य पारंपरिक डेज़र्ट्स भी शामिल हैं, जो भोजन के अनुभव को पूर्णता देते हैं।
द पार्क इंदौर के एक्ज़ीक्यूटिव शेफ संतोष यादव ने बताया कि इस फेस्टिवल की सबसे बड़ी खूबी इसकी विविधता और पारंपरिकता है। उनके अनुसार, मेन्यू तैयार करते समय खास ध्यान रखा गया कि व्यंजन भारत की शाही रसोई के साथ-साथ ग्रामीण और देसी किचन का भी प्रतिनिधित्व करें। कई डिशेज को पुराने तरीकों और पारंपरिक मसालों से पकाया जा रहा है, ताकि उनका असली स्वाद और खुशबू बरकरार रहे। शेफ का मानना है कि मेहमान यहां आकर भारतीय पाक परंपरा के उन असली स्वादों को महसूस कर पाते हैं जो पीढ़ियों से घरों और रियासतों की रसोई में संजोए जाते रहे हैं।
द पार्क इंदौर के फूड एंड बेवरेज डायरेक्टर सुदीप कांजीलाल ने बताया कि आजकल लोग फ्यूजन और इंटरनेशनल क्यूज़ीन का खूब अनुभव कर रहे हैं, लेकिन भारतीय पारंपरिक व्यंजनों का आकर्षण अलग ही बना रहता है। “रॉयल एंड रस्टिक” फेस्टिवल के ज़रिए मेहमानों को ऐसा डाइनिंग अनुभव देने की कोशिश की गई है, जहां शाही माहौल, देसी फ्लेवर्स और भारतीय मेहमाननवाज़ी का संतुलित मेल नज़र आए। उनके अनुसार, यह फेस्टिवल न केवल खाने के शौकीनों के लिए खास है, बल्कि उन लोगों के लिए भी आकर्षण का केंद्र है जो भारतीय खानपान की विविधता और उसकी सांस्कृतिक विरासत को नज़दीक से समझना चाहते हैं।
इस आयोजन के माध्यम से द पार्क इंदौर भारतीय पारंपरिक पकवानों की समृद्ध विरासत को नए अंदाज़ में सामने ला रहा है। मेहमानों को एक ही स्थान पर देश के अलग-अलग क्षेत्रों के शाही और देहाती स्वादों का अनोखा अनुभव मिल रहा है, जो उनके लिए यादगार डाइनिंग मेमोरी बनकर रह जाए, यही इस फूड फेस्टिवल का उद्देश्य है।
Thank you for reading this post!
