हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के मद्देनज़र पूरे देश में सुरक्षा सतर्कता को बढ़ा दिया गया है। इसी क्रम में भारत सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा 1971 के बाद पहली बार 7 मई को देशभर के 244 जिलों में सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आयोजित की जा रही है। इसका उद्देश्य नागरिकों और प्रशासन की आपात स्थितियों में त्वरित एवं समन्वित प्रतिक्रिया क्षमता को परखना और सुदृढ़ बनाना है।
इसी पहल के तहत इंदौर में प्रसिद्ध एंडोक्राइनोलॉजिस्ट डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में 7 मई को प्रातः 8:30 बजे छप्पन दुकान क्षेत्र में एक विशेष मॉक ड्रिल जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम में आम नागरिकों को आपदा प्रबंधन, आतंकी हमलों जैसी आपात परिस्थितियों और सिविल डिफेंस की अहम भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी।
कार्यक्रम की विशेष बात यह है कि इसमें सेवानिवृत्त सैन्य अधिकारी मेजर जनरल (डॉ.) राजेश चाबा (सेना मेडल), ब्रिगेडियर सौरभ जैन और लेफ्टिनेंट कर्नल आशीष मंगरुलकर स्वयं मौजूद रहेंगे। ये सभी अधिकारी नागरिकों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देंगे ताकि वे संकट की घड़ी में सुरक्षित और प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया दे सकें। कार्यक्रम में ब्लैकआउट, सायरन और आपदा प्रतिक्रिया गतिविधियों का लाइव डेमोंस्ट्रेशन भी किया जाएगा।
डॉ. संदीप जुल्का ने कहा, “अंग्रेज़ी में एक प्रसिद्ध कहावत है — ‘Don’t ask what your country can do for you, ask what you can do for your country.’ यह समय है जब हमें अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। प्रशासनिक प्रयासों के साथ-साथ नागरिकों की तैयारी और जागरूकता भी अत्यंत आवश्यक है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम सरल भाषा और प्रायोगिक उदाहरणों के साथ लोगों को सिखाएंगे कि आपातकालीन स्थितियों में कैसे सुरक्षित रहें और दूसरों की भी मदद करें। मैं इंदौरवासियों से अपील करता हूँ कि वे इस महत्त्वपूर्ण कार्यक्रम में सहभागी बनकर अपने परिवार, समाज और देश की सुरक्षा को सशक्त करें।”
इस पहल को सफल बनाने में छप्पन दुकान व्यापारी संघ के अध्यक्ष श्री गुंजन शर्मा, सॉफ्टविजन कॉलेज के निदेशक श्री नीरज देसाई और एक्रोपोलिस कॉलेज के निदेशक डॉ. ए.के. सोजतिया का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ है।
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