इंदौर में सोयाबीन भावांतर योजना के समर्थन और विरोध के बीच राजनीतिक हलचल तेज हो गई है
मंगलवार को बीजेपी समर्थित किसानों ने दशहरा मैदान से “सोयाबीन भावांतर धन्यवाद ट्रैक्टर रैली” की शुरुआत की। रैली को किसान नेताओं ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया, जिसमें सैकड़ों ट्रैक्टर शामिल हुए और कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। प्रशासन ने सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था के लिए विशेष इंतज़ाम किए हैं, साथ ही नागरिकों से वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की अपील की है।
बीजेपी जिला अध्यक्ष श्रवण सिंह चावड़ा ने बताया कि रैली का आयोजन किसानों ने किया है, पार्टी सिर्फ समर्थन दे रही है। वहीं, भारतीय किसान संघ ने भावांतर योजना का विरोध करते हुए कहा कि 2018 में प्याज की 29 करोड़ रुपये की भावांतर राशि अब तक नहीं दी गई है। संघ का आरोप है कि सरकार सोयाबीन पर वास्तविक एमएसपी लागू करने से बच रही है।
किसान संघ के नगराध्यक्ष दिलीप मुकाती ने कहा कि इस बार भी भावांतर योजना अक्टूबर के अंत में लागू करने की बात हो रही है, जबकि तब तक छोटे किसान अपनी उपज बेच चुके होंगे। उन्होंने मांग की कि सरकार एमएसपी लागू कर सोयाबीन की खरीदी करे। इसी बीच, देपालपुर के बीजेपी विधायक मनोज पटेल भी 12 अक्टूबर को अलग से “सोयाबीन आभार ट्रैक्टर रैली” निकालेंगे। शनिवार को हुई किसान संघ की बैठक में भी संघ पदाधिकारियों ने भावांतर योजना को “असफल” बताते हुए सीधे एमएसपी 5328 रुपये प्रति क्विंटल घोषित करने की मांग की थी।
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