इंदौर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष समारोह की शुरुआत हो रही है। इस अवसर पर शुक्रवार को दशहरा मैदान पर घोष वादन समारोह का आयोजन होगा। मालवा प्रांत के 28 जिलों के लगभग 1000 स्वयंसेवक इस दौरान घोष वादन प्रस्तुत करेंगे, जिसमें अनुशासन, कला और विभिन्न रचनाओं का अद्वितीय संगम देखने को मिलेगा। कार्यक्रम में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत के साथ देशभर से आए कई वरिष्ठ पदाधिकारी भी उपस्थित रहेंगे।
इस विशेष आयोजन में पहली बार स्वयंसेवक अपने परिवारों के साथ भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक चलेगा। डॉ. भागवत स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। इस दौरान स्वयंसेवक भगवान महाकाल के शिवलिंग और अखंड भारत की प्रतिकृति बनाने के साथ-साथ स्वर शतकम की झलक भी प्रस्तुत करेंगे।
कार्यक्रम स्थल पर लगभग 20,000 से अधिक लोगों के पहुंचने की संभावना है। दशहरा मैदान को आयोजन के लिए पूरी तरह तैयार कर लिया गया है, जहां एक बड़ा डोम और मंच स्थापित किया गया है। गुरुवार को स्वयंसेवकों ने रिहर्सल की, और पार्किंग की उचित व्यवस्था भी मैदान के पास की गई है।
शताब्दी वर्ष के अन्य आयोजन फरवरी से अन्य शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी होंगे। वर्तमान में राऊ के एक स्कूल में “स्वर शतकम” नामक शिविर चल रहा है, जिसमें मालवा प्रांत के 28 जिलों के 800 स्वयंसेवक भाग ले रहे हैं। शिविर में वक्ता रघुवीर सिंह ने संघ की स्थापना से अब तक की यात्रा, रीति-नीति और विचारधारा पर जानकारी दी।
यह आयोजन न केवल शताब्दी वर्ष की भावना को दर्शाएगा, बल्कि संघ की अनुशासन और कला की परंपरा का एक भव्य प्रदर्शन भी करेगा।
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