केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय की संयुक्त सचिव रूपा मिश्रा इंदौर पहुंचीं, जहां उन्होंने शहर की सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। दो दिन इंदौर में बिताने के बाद, वे दिल्ली के लिए रवाना हो गईं। रवाना होने से पहले उन्होंने इंदौर की सफाई व्यवस्था पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण से पहले सफाई व्यवस्था का अवलोकन कर अप्रत्यक्ष रूप से सर्वेक्षण कर लिया।
दौरे के दौरान, उन्होंने गार्बेज ट्रांसफर स्टेशन, एकता आत्मनिर्भर भारत एसएचजी केंद्र, कचरा सेग्रीगेशन प्रक्रिया, और राजकुमार मिल सब्जी मंडी का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वच्छ सर्वेक्षण और इंदौर की सफाई व्यवस्था को लेकर चर्चा की। रूपा मिश्रा ने उम्मीद जताई कि इंदौर इस बार गोल्डन क्लब कैटेगरी में शामिल हो सकता है।
स्वच्छ सर्वेक्षण में नई कैटेगरी
रूपा मिश्रा ने बताया कि तीन बार लगातार स्वच्छ सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले शहरों के लिए एक नई कैटेगरी बनाई जा रही है। यह कैटेगरी प्रत्येक आबादी वर्ग के शहरों के लिए अलग होगी, जिससे नए शहरों को भी शीर्ष पर आने का मौका मिलेगा।
महिला स्व-सहायता समूह का दौरा
राजकुमार मिल ब्रिज के नीचे स्थित एकता आत्मनिर्भर भारत केंद्र में पहुंचकर उन्होंने वहां काम कर रहीं महिलाओं से बातचीत की। एक वृद्ध महिला ने उनसे गले लगकर अपनी खुशी जताई। उन्होंने एक बच्ची से भी मुलाकात की, जिसने अनुपयोगी वस्तुओं से खिलौने बनाए थे। मिश्रा ने बच्ची के काम की सराहना की और निगम आयुक्त शिवम वर्मा को निर्देश दिया कि इस बच्ची को स्वच्छ सर्वेक्षण अवार्ड सेरेमनी में जरूर लाया जाए।
कचरा सेग्रीगेशन और सब्जी मंडी का निरीक्षण
महिलाओं के साथ फोटो खिंचवाने के बाद, उन्होंने स्वयं सहायता समूह को 3000 रुपये का योगदान दिया। कचरा सेग्रीगेशन प्रक्रिया का निरीक्षण करते हुए अपर आयुक्त एसबीएम अभिलाष मिश्रा और एनजीओ संचालक सनप्रीत ने उन्हें प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने पास स्थित माता मंदिर में पूजा-अर्चना भी की।
इसके बाद, उन्होंने सब्जी मंडी का दौरा किया और सब्जी बेचने वाली महिलाओं से पूछा कि वे ग्राहकों को किस प्रकार की थैली में सब्जी देती हैं। महिलाओं ने बताया कि वे प्लास्टिक की पन्नियों का उपयोग बिल्कुल नहीं करतीं।
इस दौरे से स्वच्छ और महिला सशक्तिकरण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता स्पष्ट हुई।
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