इंदौर बनाम सूरत: 17 जुलाई को स्वच्छता नंबर 1 की टक्कर
स्वच्छ भारत रैंकिंग के नतीजे 17 जुलाई को दिल्ली के विज्ञान भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मूर्मू की मौजूदगी में घोषित किए जाएंगे। लगातार सात साल से देश में स्वच्छता में नंबर 1 रहे इंदौर का दावा इस बार भी मजबूत है, लेकिन सूरत से कड़ी टक्कर मिल रही है। इंदौर की सबसे बड़ी ताकत डोर-टू-डोर कचरा कलेक्शन और शहर में कचरा पेटियों का न होना है, जिससे शत-प्रतिशत कचरा सीधे ट्रेंचिंग ग्राउंड पहुंचता है। वहीं, सूरत ने घर-घर कचरा संग्रहण और कचरे से कमाई की दिशा में बेहतर काम किया है। पिछले साल इंदौर और सूरत को संयुक्त रूप से पहला स्थान मिला था, लेकिन इस बार दोनों शहरों की कोशिश अकेले नंबर 1 बनने की है। इस बार सर्वेक्षण में देरी हुई, इसलिए परिणाम भी देरी से आ रहे हैं। विजेता शहरों को राष्ट्रपति पुरस्कार देंगी। आयोजन में नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, इंदौर के मेयर पुष्यमित्र भार्गव और अन्य अधिकारी शामिल होंगे। इंदौर के साथ सूरत, नवी मुंबई, चंडीगढ़, नोएडा, तिरुपति, अंबिकापुर और नई दिल्ली सहित 12 शहर स्वच्छता लीग में हैं। केंद्रीय शहरी मंत्रालय ने स्वच्छता आकलन के लिए 28 बिंदु तय किए थे, जिसमें कचरा निपटान, पुनः उपयोग, नदी-नालों की सफाई और पब्लिक फीडबैक जैसे पहलू शामिल हैं।
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