इंदौर। यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ हाल में हुए व्यापार समझौतों से भारत के टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग उद्योग को नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है। इन समझौतों से विशेष रूप से मध्य प्रदेश को बड़ा लाभ मिल सकता है, जो तेजी से इन दोनों क्षेत्रों का महत्वपूर्ण केंद्र बनता जा रहा है।
ब्रिकवर्क रेटिंग्स द्वारा आयोजित ‘मेड फॉर भारत – कस्टमर इम्पैक्ट सीरीज़’ के इंदौर संस्करण में विशेषज्ञों ने देश की आर्थिक स्थिति और व्यापार समझौतों के प्रभाव पर विस्तार से चर्चा की।
मजबूत आर्थिक वृद्धि की उम्मीद
ब्रिकवर्क रेटिंग्स के सीईओ मनु सहगल ने बताया कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। वित्त वर्ष 2026 में वास्तविक जीडीपी वृद्धि लगभग 7.4 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2027 में यह 6.8 से 7.2 प्रतिशत के बीच रह सकती है।
उन्होंने कहा कि महंगाई में तेज गिरावट आई है और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक आरबीआई के मध्यम अवधि के लक्ष्य से काफी नीचे है। इस अनुकूल माहौल में रिजर्व बैंक ने रेपो दर में कई बार कटौती की है, जिससे कारोबारियों और निर्यातकों के लिए कर्ज लेना आसान हो गया है।
यूरोपीय संघ और अमेरिका के साथ समझौते
क्राइटेरिया, मॉडल डेवलपमेंट एंड रिसर्च के प्रमुख राजीव शरण ने बताया कि भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते के तहत यूरोपीय संघ के लगभग 90 प्रतिशत उत्पादों पर आयात शुल्क में तत्काल राहत मिलेगी। टेक्सटाइल और परिधान क्षेत्र को जीरो-ड्यूटी की सुविधा मिलेगी।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के तहत अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर लगने वाले शुल्क में काफी कमी की है। इससे उन क्षेत्रों को राहत मिलेगी, जो 2025 के मध्य से लगाए गए उच्च शुल्कों से प्रभावित थे।
टेक्सटाइल क्षेत्र में बड़ा उछाल
राजीव शरण ने बताया कि टेक्सटाइल क्षेत्र 2030 तक 350 अरब डॉलर का आकार छू सकता है और इसमें 12 प्रतिशत की सीएजीआर दर से वृद्धि होने की उम्मीद है। मजबूत घरेलू मांग और मुक्त व्यापार समझौते इसकी वृद्धि को गति देंगे।
दशक के अंत तक इस क्षेत्र का निर्यात 105 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है, जिससे भारत बांग्लादेश जैसे प्रतिस्पर्धियों के बराबर आ जाएगा।
फूड प्रोसेसिंग में भी तेजी
फूड प्रोसेसिंग क्षेत्र के वर्ष 2030 तक 700 अरब डॉलर का आकार छूने की उम्मीद है। बेहतर बाजार पहुंच और गुणवत्ता मानकों का सीधा फायदा प्रसंस्कृत खाद्य उत्पादों के निर्यात को मिलेगा।
मध्य प्रदेश को खास फायदा
मध्य प्रदेश तेजी से टेक्सटाइल और फूड प्रोसेसिंग का अहम केंद्र बन रहा है। राज्य की मजबूत कपास और कृषि उत्पादन क्षमता, कुशल कार्यबल और बेहतर औद्योगिक इकोसिस्टम इसकी ताकत है।
इंदौर, उज्जैन और बुरहानपुर के टेक्सटाइल क्लस्टर तथा सोयाबीन, दालें, अनाज और कपास से जुड़ा मजबूत एग्रो-प्रोसेसिंग आधार राज्य को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ने में मदद कर रहा है।
समर्पित टेक्सटाइल पार्क, पीएम मित्रा पार्क, टेक्सटाइल पीएलआई योजना के तहत प्रोत्साहन और एग्रो-फूड प्रोसेसिंग ढांचे के लिए चलाई जा रही योजनाएं नए निवेश और रोजगार को बढ़ावा दे रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये व्यापार समझौते आने वाले कुछ वर्षों में कई अरब डॉलर के नए निर्यात अवसर पैदा करेंगे। कर्ज की बेहतर उपलब्धता और ट्रेड फाइनेंस की बढ़ती मांग से इन गतिविधियों को और बल मिलेगा।
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