इंदौर में वायु प्रदूषण पर सख्ती: कलेक्टर ने दिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश
शहर की वायु गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला प्रशासन अब सख्त कदम उठाने जा रहा है। कलेक्टर आशीष सिंह की अध्यक्षता में आयोजित जिला स्तरीय निगरानी एवं क्रियान्वयन समिति की बैठक में वायु प्रदूषण नियंत्रण को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय से एक संयुक्त कार्य योजना तैयार करें और उसका प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें।
सघन निरीक्षण अभियान होगा शुरू
जिले में वायु गुणवत्ता सुधार के लिए सघन अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के तहत जिला प्रशासन, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नगर निगम और परिवहन विभाग मिलकर संयुक्त रूप से निरीक्षण करेंगे। अभियान के दौरान प्रदूषण फैलाने वाली औद्योगिक इकाइयों और वाहनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
हर पेट्रोल पंप पर अनिवार्य होगा पीयूसी जांच केंद्र
प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी पेट्रोल पंपों पर पीयूसी (प्रदूषण जांच प्रमाणपत्र) केंद्र अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। यदि किसी पेट्रोल पंप पर यह केंद्र नहीं पाया गया, तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। इससे वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण पर नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी।
कोयला आधारित उद्योगों को करना होगा गैस में परिवर्तन
बैठक में यह भी तय किया गया कि कोयले से संचालित औद्योगिक इकाइयों को जल्द से जल्द गैस आधारित संचालन में परिवर्तित किया जाए। इसके लिए संबंधित इकाइयों से संपर्क कर उन्हें समझाइश दी जाएगी। समय-सीमा निर्धारित कर इस परिवर्तन को सुनिश्चित किया जाएगा। समय पर परिवर्तन न करने वाली इकाइयों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर भी निगरानी
सिर्फ उद्योग ही नहीं, बल्कि वाहनों से होने वाले प्रदूषण पर भी नजर रखी जाएगी। ऐसे वाहनों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी, जो तय मानकों का पालन नहीं कर रहे हैं।
सभी विभाग मिलकर करेंगे काम
कलेक्टर ने निर्देश दिए कि वायु प्रदूषण नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग समन्वय के साथ कार्य करें। एक ठोस और व्यावहारिक कार्य योजना बनाई जाए, जिसे ज़मीन पर उतारकर वास्तविक सुधार लाया जा सके।
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