इंदौर। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (डीएवीवी) में आयोजित 14वें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उन्होंने 46 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को स्वर्ण और रजत पदक दिए, जिनमें 35 छात्राएं और 11 छात्र शामिल थे। 46 टॉपर्स में कुल 78 मेडल दिए गए, जिनमें 4 स्वर्ण पदक एक विद्यार्थी को, 3 स्वर्ण पदक 5-5 विद्यार्थियों को तथा 2 स्वर्ण पदक 10-10 विद्यार्थियों को दिए गए। राष्ट्रपति ने छात्राओं को अधिकांश मेडल मिलने पर गर्व व्यक्त किया। इस मौके पर डीएवीवी द्वारा प्रकाशित स्मारिका का विमोचन किया गया।

राष्ट्रपति मुर्मु ने अपने संबोधन में लड़कियों को शिक्षित और सशक्त बनाने के लिए सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के भविष्य को आकार देने में लड़कियां महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। यदि महिलाएं इसकी प्रगति में सक्रिय रूप से भाग लें तो राष्ट्र 2047 तक उल्लेखनीय ताकत हासिल कर सकता है। हमें अपनी बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण के लिए प्रयास करना चाहिए। 2047 तक एक विकसित राष्ट्र के निर्माण में उनका योगदान महत्वपूर्ण होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को ज्ञान प्राप्ति की प्रक्रिया को कभी न रोकने की सलाह दी।

राष्ट्रपति ने देवी अहिल्या बाई होल्कर की विरासत की प्रशंसा करते हुए महिला सशक्तिकरण और नेतृत्व का एक उल्लेखनीय उदाहरण बताया। उन्होंने छात्रों से कहा कि दीक्षांत समारोह उत्सव के साथ-साथ अपने भविष्य के लिए दृढ़ संकल्प लेने का अवसर है। विद्यार्थियों को अपने भविष्य के बारे में सोच-समझकर निर्णय लेने की सलाह दी। यह निर्णय उनके जीवन की दिशा निर्धारित करेगा। राष्ट्रपति ने कहा प्रत्येक छात्र में अलग-अलग क्षमताएं होंगी। भविष्य में आप किस क्षेत्र या पद पर काम करेंगे, इसका निर्णय उनकी क्षमता और रुचि के आधार पर होना चाहिए।
राज्यपाल मंगूभाई पटेल ने अपने संबोधन में कहा ‘दीक्षांत समारोह माता-पिता के त्याग और विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत का प्रतीक है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देवी अहिल्या बाई के जीवन को प्रेरणास्रोत बताते हुए कहा मध्य प्रदेश नई शिक्षा नीति लागू करने वाला पहला राज्य है। राष्ट्रपति मुर्मू ने स्वच्छता में असाधारण उपलब्धियों के लिए इंदौर के नागरिकों को बधाई दी व शहर की पहचान देवी अहिल्या बाई की विरासत को बताया। इस मौके पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर सहित कई अन्य अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित थे। इंजीनियरिंग स्नातक शुभ लाड ने चार पदकों के प्रभावशाली स्कोर के साथ समारोह का नेतृत्व किया, जबकि तीन अन्य छात्रों ने तीन-तीन पदक हासिल किए और 13 छात्रों को दो पदकों से सम्मानित किया गया।
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