इंदौर में कुछ दिन पहले एरोड्रम रोड पर हुए ट्रक हादसे के बाद पुलिस ने प्रमुख मार्गों पर ट्रकों की एंट्री पर सख्ती बढ़ा दी है। ट्रकों को घंटों तक शहर में प्रवेश नहीं दिया जा रहा, जिससे ट्रांसपोर्टर नाराज हो गए हैं। इसी के चलते ट्रांसपोर्टर्स एसोसिएशन ने ट्रकों की हड़ताल का फैसला लिया और मंगलवार से मालवाहक ट्रक सड़कों से गायब हो गए। इससे माल ढुलाई का काम बंद होने के साथ ही अन्य कारोबार भी प्रभावित हो रहे हैं।
नवरात्रि के दौरान देर रात तक सड़कों पर भीड़ होने के कारण पुलिस ने निर्धारित मार्गों पर भी ट्रकों को रोका, जिससे परेशानी और बढ़ गई। एसोसिएशन के सचिव कपिल शर्मा ने आरोप लगाया कि नियमों का पालन करने के बावजूद ट्रकों की एंट्री में बेवजह रुकावट डाली जा रही है और चालान भी बनाए जा रहे हैं। ट्रकों को छह से आठ घंटे तक शहर की सीमा पर खड़ा करना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च दोनों बढ़ गए हैं।
हड़ताल के चलते गोदामों तक माल नहीं पहुंचा और दवा बाजार, सियागंज व छावनी अनाज मंडी जैसे प्रमुख व्यापारिक इलाकों में सप्लाई ठप हो गई।इंदौर में ट्रकों की हड़ताल से रोजमर्रा की आपूर्ति पर भी असर पड़ने लगा है। किराना, दवा, अनाज और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बाधित होने से व्यापारियों के साथ-साथ आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अगर हड़ताल लंबी चली तो बाजार में जरूरी सामानों की कमी और दामों में बढ़ोतरी की संभावना जताई जा रही है।
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