इंदौर: देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिकित्सा आयोजन होने जा रहा है। चौथी ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 का आयोजन 3 से 5 जुलाई तक किया जाएगा। कॉन्फ्रेंस की शुरुआत 3 जुलाई को प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स से होगी, जबकि मुख्य कार्यक्रम ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा।
ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी प्रो. डॉ. रवि डोसी के अनुसार, देश के सबसे स्वच्छ शहर इंदौर में एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर का चिकित्सा आयोजन होने जा रहा है। चौथी ब्रोंकोपल्मोनरी वर्ल्ड कांग्रेस 2026 का आयोजन 3 से 5 जुलाई तक किया जाएगा।इस कॉन्फ्रेंस का उद्देश्य देश और विदेश के विशेषज्ञों को एक मंच पर लाकर फेफड़ों से जुड़ी बीमारियों के उपचार और नई तकनीकों पर विचार-विमर्श करना है। उन्होंने बताया कि टीबी और श्वसन रोग आज भी गंभीर चुनौती बने हुए हैं, ऐसे में वैज्ञानिक ज्ञान और आधुनिक उपचार पद्धतियों का आदान-प्रदान बेहद आवश्यक है।

इस बार प्री-कॉन्फ्रेंस वर्कशॉप्स खास आकर्षण रहेंगी, जिनमें कुल 11 सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी की 5 एडवांस्ड वर्कशॉप्स के अलावा पीएफटी, सीवियर अस्थमा, टीबी, पल्मोनरी रिसर्च और पल्मोनरी रिहैबिलिटेशन जैसे विषय शामिल हैं। ये सत्र विशेष रूप से युवा डॉक्टरों और पोस्ट ग्रेजुएट छात्रों के लिए उपयोगी होंगे।
कॉन्फ्रेंस में एनटीईपी (नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम) से जुड़े अपडेट्स पर भी विशेष सत्र आयोजित किया जाएगा। इसमें टीबी उन्मूलन अभियान, नई गाइडलाइंस, आधुनिक जांच तकनीक और दवा प्रबंधन पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे।
तीन दिवसीय इस आयोजन में पल्मोनरी मेडिसिन, क्रिटिकल केयर, स्लीप मेडिसिन, थोरैसिक सर्जरी, इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी और रेस्पिरेटरी रिसर्च जैसे विषयों पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी भाग लेंगी। इसके साथ ही रिसर्च पेपर प्रेजेंटेशन, क्लिनिकल वर्कशॉप्स, क्विज, लाइव डिस्कशन और नेटवर्किंग सेशन भी आयोजित किए जाएंगे।
आयोजन समिति में प्रो. महेंद्र के बैनारा (चेयरमैन), डॉ. अपार जिंदल (साइंटिफिक कमेटी चेयरमैन), डॉ. सलील भार्गव और डॉ. लोकेन्द्र दवे (पैट्रन) शामिल हैं।
डॉ. डोसी ने बताया कि जल्द ही अर्ली बर्ड रजिस्ट्रेशन शुरू किया जाएगा। इच्छुक डॉक्टर, रेजिडेंट्स, मेडिकल स्टूडेंट्स और हेल्थ प्रोफेशनल्स आधिकारिक वेबसाइट bwcindore.com के माध्यम से पंजीकरण कर सकेंगे।
इंदौर की मेजबानी, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आतिथ्य इस अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस को खास बनाएंगे।
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