इंदौर: मां और नवजात शिशु की सही देखभाल दोनों के स्वास्थ्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। गर्भावस्था, स्तनपान और शिशु देखभाल जैसे विषयों पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से केयर सीएचएल हॉस्पिटल के वात्सल्य वुमेन एंड चाइल्ड इंस्टिट्यूट ने विशेष कार्यक्रम “हेलो मॉमी” का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में 100 से अधिक अभिभावकों ने भाग लिया, जहां स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ, डाइटीशियन, और फिजियोथेरेपिस्ट ने अपने ज्ञान और अनुभव साझा किए।
गर्भावस्था और मातृत्व पर विशेषज्ञों की सलाह
डॉ. नीना अग्रवाल, स्त्री रोग विशेषज्ञ, ने कहा: “प्रेग्नेंसी के दौरान हल्की एक्सरसाइज से रक्त प्रवाह बेहतर होता है और थकान कम होती है। खाने-पीने की आदतों पर ध्यान दें; ज्यादा मीठा खाने से बचें। तनाव से दूर रहें, सकारात्मक सोच रखें और डॉक्टर से नियमित परामर्श लें।”
डॉ. सौरभ पिपरसानिया, बाल रोग विशेषज्ञ, ने बताया: “ब्रेस्टफीडिंग बच्चे के स्वास्थ्य के लिए अनिवार्य है। सर्दियों में बच्चों को ढक कर रखें लेकिन ओवरक्लोथिंग से बचें। हाइजीन का विशेष ध्यान रखें और समय पर वैक्सीनेशन करवाएं।”
फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. सचिन जलानी ने डिलीवरी के बाद की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की: “डिलीवरी के बाद पेल्विक फ्लोर एक्सरसाइज, ब्रिजिंग और सही पोस्चर से लो बैक पेन और यूरीन लीकेज जैसी समस्याओं से बचा जा सकता है। फिजियोथेरेपी महिलाओं के आत्मविश्वास और जीवन की गुणवत्ता को भी बेहतर बनाती है।”

पोषण और अल्ट्रासाउंड की अहमियत
डॉ. रेणु जैन, डायटिशियन, ने गर्भावस्था और प्रसव के बाद पोषण के महत्व पर कहा: “प्रेग्नेंसी में संतुलित आहार बेहद जरूरी है। ज्यादा चीनी-नमक से बचें और हाइड्रेटेड रहें। डिलीवरी के तुरंत बाद स्तनपान शुरू करना और इसे छह महीने तक जारी रखना चाहिए।”
डॉ. अदिति लाड, फीटल मेडिसिन कंसल्टेंट, ने गर्भावस्था में अल्ट्रासाउंड के महत्व पर प्रकाश डाला: “सही समय पर अल्ट्रासाउंड करवाने से मां और बच्चे के स्वास्थ्य की स्थिति का पता चलता है। यह समस्याओं का समय रहते समाधान करने में सहायक है।”
अभिभावकों की प्रतिक्रियाएं
कार्यक्रम के अंत में अभिभावकों ने व्यक्तिगत अनुभव साझा किए। एक प्रतिभागी ने कहा: “यह सत्र मेरी कई शंकाओं का समाधान लेकर आया। विशेषज्ञों की सलाह बेहद उपयोगी और प्रैक्टिकल हैं।”
कार्यक्रम के बाद सभी प्रतिभागियों को एक लाइव फोटो सेशन और खूबसूरत फ्रेम में फोटो स्मृति के रूप में भेंट की गई।
केयर सीएचएल हॉस्पिटल के इस प्रयास ने मातृत्व और शिशु देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया है।
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