इंदौर-उज्जैन मेट्रो: रेवती के पास डिपो के लिए 20 हेक्टेयर जमीन की तलाश, डीपीआर पर काम तेज
इंदौर से उज्जैन तक के सफर को सुगम और तेज बनाने के लिए इंदौर-उज्जैन मेट्रो प्रोजेक्ट पर कार्य प्रगति पर है। मध्यप्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन इस परियोजना के तहत डिपो निर्माण के लिए करीब 20 हेक्टेयर (लगभग 49.7 एकड़) जमीन खोज रहा है। इंदौर और उज्जैन के आसपास इतनी बड़ी सरकारी भूमि उपलब्ध न होने के कारण, कॉर्पोरेशन ने रेवती (सांवेर क्षेत्र) के पास भूमि की मांग की है।
सरकारी जमीन प्राथमिकता में, निजी जमीन में अड़चनें
कॉर्पोरेशन की प्राथमिकता सरकारी भूमि है क्योंकि इसे प्राप्त करना अपेक्षाकृत सरल है। सरकार दूसरे विभाग की जमीन को मेट्रो कॉर्पोरेशन को स्थानांतरित कर सकती है और उस विभाग को वैकल्पिक स्थान पर जमीन आवंटित की जा सकती है। इसके विपरीत, निजी जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती है। इसमें कई किसानों की सहमति, मुआवजा वितरण और कानूनी प्रक्रिया के कारण प्रोजेक्ट में देरी संभव है।
एलिवेटेड और अंडरग्राउंड ट्रैक का मिश्रण
मेट्रो का अधिकांश हिस्सा इंदौर-उज्जैन रोड पर एलिवेटेड रहेगा, जिसके लिए सड़क के बीच में पिलर बनाए जाएंगे। उज्जैन में नानाखेड़ा से रेलवे स्टेशन तक का हिस्सा अंडरग्राउंड प्रस्तावित है। हालांकि, किस हिस्से में कितना एलिवेटेड और कितना अंडरग्राउंड रहेगा, यह जानकारी डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) के तैयार होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
डीपीआर का कार्य अंतिम चरण में
इस परियोजना के लिए डीपीआर तैयार करने का कार्य दिल्ली मेट्रो के विशेषज्ञों द्वारा किया जा रहा है। जुलाई-अगस्त तक इसकी रिपोर्ट पूरी होने की संभावना है। डीपीआर में प्रोजेक्ट की लागत, फंडिंग मॉडल, रूट अलाइनमेंट, डिपो और स्टेशन निर्माण सहित तमाम तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत विवरण शामिल होगा। अनुमान है कि इस प्रोजेक्ट पर लगभग 10,000 करोड़ रुपये की लागत आएगी।
135 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी हाई-स्पीड मेट्रो
इंदौर और उज्जैन के बीच मेट्रो का संचालन हाइब्रिड मोड में किया जाएगा, जो अधिकतम 135 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। इसी तरह की प्रणाली फिलहाल दिल्ली एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन पर भी संचालित हो रही है। हालांकि, पहले सिंहस्थ के पूर्व मेट्रो शुरू करने की योजना थी, लेकिन भारी बजट की आवश्यकता के चलते इसे फिलहाल लंबा समय लग सकता है।
47 किमी रूट पर बनेंगे 8 स्टेशन
मेट्रो के प्रस्तावित 47 किलोमीटर लंबे रूट पर कुल 8 स्टेशन निर्धारित किए गए हैं। इंदौर का पहला स्टेशन लवकुश चौराहे पर जबकि अंतिम स्टेशन उज्जैन में महाकाल लोक के सामने होगा। रूट का लगभग 70 प्रतिशत कार्य सड़क की मध्य रेखा (सेंट्रल लाइन) के अनुसार ही किया जाएगा।
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