इंदौर-देवास रोड पर लंबे समय से चल रही लापरवाही आखिरकार जानलेवा साबित हुई। पिछले एक महीने से रहवासी और किसान आंदोलन कर रहे थे, लेकिन न कोई नेता सामने आया, न ही कोई अधिकारी बात करने पहुंचा। शुक्रवार को इस जाम में फंसकर तीन लोगों की जान चली गई। किसान नेता हंसराज मंडलोई ने बताया कि मांगलिया से सांवेर जाने वाला मार्ग रेलवे ओवर ब्रिज निर्माण के चलते एक साल के लिए बंद कर दिया गया, लेकिन इसके विकल्प की कोई व्यवस्था नहीं की गई। यदि प्लेथिको के पास पुराने मार्ग को थोड़ा सुधारा जाता तो रोजाना हजारों वाहन चालकों को 20 किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाना पड़ता और जाम की स्थिति से बचा जा सकता था।
स्थानीय निवासी अभय बाथम ने बताया कि इमरजेंसी की स्थिति में मांगलिया के पास हॉस्पिटल तक पहुंचने के लिए कोई वैकल्पिक रास्ता नहीं है, ऐसे में मरीजों की जान जोखिम में पड़ सकती है। वहीं, सड़क पर ट्रैफिक नियंत्रण की जिम्मेदारी अब स्थानीय दुकानदारों और रहवासियों पर आ गई है। राजेश पाटीदार नामक दुकानदार ने बताया कि पुलिस और प्रशासन पूरी तरह नदारद हैं और लोग लगातार कई दिनों से जाम में फंसे हुए हैं।
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