इंदौर, 30 जून 2025। बाल शिक्षा और समाजसेवा की प्रणेता पद्मश्री शालिनी ताई मोघे की 14वीं पुण्यतिथि पर पागनीस पागा स्थित बाल निकेतन संघ में दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन देश की प्रतिष्ठित समाजसेविका और महिला स्वास्थ्य विशेषज्ञ डॉ. लीला जोशी ने बच्चों, अभिभावकों और शिक्षकों को संबोधित किया।
डॉ. जोशी ने अपने व्याख्यान में कहा कि बच्चों को अपने जीवन में एक लक्ष्य निर्धारित कर उसी पर केंद्रित रहना चाहिए। उन्होंने कहा, “जिस तरह अभिमन्यु ने गर्भ में रहकर चक्रव्यूह तोड़ने की विद्या सीखी, वैसे ही आज के बच्चे भी गर्भ से ही सीखना शुरू कर देते हैं। जरूरी है कि हम उन्हें सकारात्मक और संस्कारित वातावरण दें।”
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन, भजन और शालिनी ताई के चित्र पर माल्यार्पण से हुई। बाल निकेतन संघ के बच्चों ने एक विशेष गीत प्रस्तुत किया, जिसे पूर्व शिक्षिका नेहा एंदलाबादकर ने लिखा था। भावनात्मक गीत ने उपस्थितों की आंखें नम कर दीं।
संस्था की सचिव डॉ. नीलिमा अदमणे ने कहा कि यह व्याख्यान श्रृंखला केवल श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि ताई के विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है। समापन पर डॉ. जोशी को स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया, जबकि पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए छात्र मनन पुराणिक और उनके अभिभावकों को भी सम्मान मिला। परंपरा के अनुसार पौधारोपण कर ताई को नमन किया गया।
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