साल 2020 के बाद से घातक संक्रामक बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ा है। चाहे वह कोरोना हो या मंकीपॉक्स, ऐसे कई वायरस विदेश से लौटने वाले यात्रियों के माध्यम से भारत में प्रवेश कर चुके हैं। अकेले 2025 में देश में कोरोना के 28,426 मामले और 157 मौतें दर्ज हुईं, जिनमें से मध्यप्रदेश में 323 केस और 9 मौतें सामने आईं।
इन भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के उद्देश्य से भोपाल और इंदौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर अत्याधुनिक थर्मल स्कैनर लगाए जाने की योजना है।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) ने अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट, बंदरगाह (सी-पोर्ट), और सीमा क्रॉसिंग प्वाइंट्स पर थर्मल स्कैनिंग सिस्टम लगाने के लिए इच्छुक कंपनियों से EOI (एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट) आमंत्रित किया है।इस पहल का मुख्य उद्देश्य है कि किसी भी संक्रमण के फैलने की स्थिति में शुरुआती चरण में ही संभावित संक्रमित यात्रियों की पहचान की जा सके, जिससे समय रहते उपचार और आइसोलेशन सुनिश्चित किया जा सके।
तकनीकी विशेषताएं
-
इंफ्रारेड तकनीक: स्कैनर संपर्क रहित तरीके से शरीर का तापमान माप सकेंगे।
-
फेस रिकग्निशन: व्यक्ति की पहचान करने की सुविधा होगी।
-
अलर्ट सिस्टम: उच्च तापमान वाले यात्री के मामले में तुरंत चेतावनी दी जाएगी।
-
डेटा स्टोरेज और एक्सपोर्ट: यात्रियों की थर्मल जानकारी सुरक्षित रूप से स्टोर की जाएगी और आवश्यकता होने पर संबंधित अधिकारियों तक भेजी जा सकेगी
Thank you for reading this post!
