इंदौर। शिक्षा को समाज और राष्ट्र निर्माण का सबसे मजबूत आधार मानते हुए भाजपा के पूर्व नगर उपाध्यक्ष पवन जायसवाल ने अपने जन्मदिन को सेवा और सामाजिक सरोकार से जोड़ने की प्रेरणादायी पहल की। उन्होंने अपने शुभचिंतकों से फूल-मालाएं और महंगे उपहार देने के बजाय जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा के लिए पुस्तकें भेंट करने का आग्रह किया।
जायसवाल का मानना है कि एक सशक्त और जागरूक राष्ट्र की नींव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर टिकी होती है तथा पुस्तकें ज्ञान का सबसे प्रभावी माध्यम हैं। ऐसे में यदि व्यक्तिगत खुशियों को समाजहित से जोड़ा जाए, तो वह दूसरों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बन सकता है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने जन्मदिन को शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता और सहयोग का माध्यम बनाया।
उनकी इस पहल को शहरवासियों का भरपूर समर्थन मिला। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील शिवहरे, एडवोकेट गौरव शर्मा (मामा), ईश्वर नायक सहित अनेक समर्थकों ने जरूरतमंद बच्चों के लिए पुस्तकें भेंट कर इस अभियान में सहभागिता निभाई। इसके अलावा सन्नी मिश्रा, अमन सिलावट, अक्षय चौथवानी, चेतन चौधरी एवं अन्य साथियों ने भी जायसवाल के आह्वान का स्वागत करते हुए बच्चों की शिक्षा में योगदान देने के उद्देश्य से पुस्तकें भेंट कीं।
जायसवाल की इस पहल ने यह संदेश दिया कि जन्मदिन जैसे व्यक्तिगत अवसर भी समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकते हैं। शिक्षा के प्रसार और जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए पुस्तकों का यह योगदान समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर उभरा।
Thank you for reading this post!
