इंदौर: आशरा मुबारका के पावन अवसर पर दुनियाभर से हजारों दाऊदी बोहरा समुदाय के सदस्य इंदौर पहुंच रहे हैं। इस वर्ष समुदाय के 53वें धर्मगुरु, परमपावन सैयदना मुफ़द्दल सैफ़ुद्दीन साहब ने मुख्य आयोजन के लिए चेन्नई को चुना है, जबकि इंदौर को एक प्रमुख सैटेलाइट सेंटर घोषित किया गया है, जहां से कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण होगा।
आशरा मुबारका, इस्लामी कैलेंडर के पहले महीने मोहर्रम की 2 से 10 तारीख तक मनाया जाता है। यह वह समय है जब पैगंबर मोहम्मद (PBUH), उनके नवासे इमाम हुसैन और उनके परिवार की शिक्षाओं, बलिदान और इंसानियत के लिए उठाए गए साहसिक कदमों को याद किया जाता है। यह आयोजन समुदाय के लिए एक गहन आध्यात्मिक साधना और सीखने का अवसर होता है।
सैयदना साहिब की रहनुमाई में ये मजलिसें समुदाय को कुरआन की शिक्षाओं और पैगंबर के आदर्शों के अनुरूप जीवन जीने की प्रेरणा देती हैं।
इंदौर में 27 जून से 5 जुलाई 2025 तक 28 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें सैफी नगर की सैफी मस्जिद, सांघी ग्राउंड, बीजलपुर, एज़्ज़ी नगर, महू, अम्मार नगर, नूरानी नगर और बेटमा जैसे प्रमुख स्थल शामिल हैं।

कार्यक्रम संयोजक खोज़ेमा पेटीवाला ने बताया, “यह हमारे लिए गर्व की बात है कि सैयदना साहिब ने इंदौर को सैटेलाइट सेंटर के रूप में चुना है। हम करीब 90,000 मेहमानों का स्वागत कर रहे हैं और नगर निगम व प्रशासन के सहयोग से सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित कर रहे हैं।”
तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और मध्य प्रदेश के अन्य शहरों में भी प्रवचनों का स्थानीय प्रसारण होगा, जबकि कोलंबो में एक अंतरराष्ट्रीय केंद्र पर इनका सीधा प्रसारण किया जाएगा।
आयोजन की सुचारू व्यवस्था के लिए समुदाय के सदस्य विभिन्न समितियों के माध्यम से कार्यरत हैं। वॉलंटियर्स ट्रैफिक और भीड़ प्रबंधन में प्रशासन का सहयोग करेंगे, जबकि अन्य टीमें भोजन वितरण, सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन संभालेंगी। साथ ही, चिकित्सक और स्वास्थ्यकर्मी मेहमानों को प्राथमिक चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे।
पेटीवाला ने कहा, “हमारा प्रयास है कि आशरा मुबारका के दौरान सेवा, एकजुटता और समर्पण जैसे मूल्यों को न सिर्फ समझें, बल्कि उन्हें जीवन में अपनाएं।”
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