इंदौर। जनगणना के पहले चरण की प्रक्रिया जारी है और आम नागरिकों के लिए स्वयं गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। 15 अप्रैल से शुरू हुई इस प्रक्रिया में अब तक करीब साढ़े सात हजार लोग इसका उपयोग कर चुके हैं। यह सुविधा 30 अप्रैल तक जारी रहेगी।
एक मई से जिले में छह हजार प्रगणक घर-घर जाकर मकानों की गणना शुरू करेंगे। जिन्होंने स्वयं गणना कर ली है, उन्हें अपना आईडी नंबर प्रगणक को देना होगा, जिससे वे सीधे जानकारी का सत्यापन कर उसे अनुमोदित कर सकें।
जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण में 1 से 30 मई तक मकानों की गणना होगी, जिसके लिए जिले में कुल 5931 गणना ब्लॉक बनाए गए हैं। इनमें 2070 ग्रामीण और 3861 शहरी क्षेत्र के ब्लॉक शामिल हैं। प्रत्येक ब्लॉक में प्रगणकों की नियुक्ति कर उन्हें प्रशिक्षण दिया जा चुका है। पूरे जिले को 42 हिस्सों में बांटकर कार्य को व्यवस्थित किया गया है, जिसमें 22 शहरी जोन, 10 तहसील, 8 नगर परिषद और महू कैंटोनमेंट बोर्ड शामिल हैं। मकानों की नंबरिंग के दौरान 10 लाख से अधिक निर्माण चिन्हित किए गए थे, जिनकी सटीक जानकारी अब गणना के दौरान सामने आएगी। आबादी की गणना अगले वर्ष 1 से 28 फरवरी 2027 के बीच की जाएगी।
इस बार जनगणना में ‘ब्रिंग योर ओन डिवाइस’ मॉडल अपनाया गया है। इसके तहत कर्मचारी अपने मोबाइल फोन से डेटा दर्ज करेंगे, जो ऑफलाइन भी काम करेगा और इंटरनेट उपलब्ध होने पर सर्वर पर अपलोड हो जाएगा। इसके लिए एंड्रॉयड 12 या उससे ऊपर तथा iOS 15 या उससे ऊपर के मोबाइल आवश्यक हैं, साथ ही कम से कम 8 जीबी खाली स्टोरेज होना जरूरी है। मोबाइल में पीडीएफ व्यूअर, मैप और दस्तावेज देखने की सुविधा भी होनी चाहिए।
मई माह की तेज गर्मी को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों की छुट्टियों पर रोक लगाई गई है, जिससे उन्हें असुविधा हो रही है। हालांकि प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि गणना का कार्य सुबह और शाम के समय किया जाए, ताकि गर्मी से बचाव हो सके और घरों में लोगों की उपलब्धता भी सुनिश्चित हो सके।
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