इंदौर। बदलती जीवनशैली, बढ़ती उम्र और शारीरिक गतिविधियों में कमी के चलते घुटनों और कूल्हों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार अधिकांश लोग शुरुआती दर्द और जकड़न को सामान्य समस्या मानकर अनदेखा कर देते हैं, जिसके कारण बाद में स्थिति गंभीर हो सकती है। इसी उद्देश्य से लोगों को जागरूक करने और समय रहते विशेषज्ञ सलाह उपलब्ध कराने के लिए यूनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल द्वारा 13 जून को विशेष नी एवं हिप स्क्रीनिंग कैंप आयोजित किया जा रहा है।
अन्नपूर्णा रोड स्थित अस्पताल में शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक चलने वाले इस कैंप में घुटनों और कूल्हों से संबंधित समस्याओं की जांच के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा नि:शुल्क परामर्श प्रदान किया जाएगा। कैंप के दौरान आवश्यक जांच कराने वाले मरीजों को लैब और रेडियोलॉजी सेवाओं पर 25 प्रतिशत तक की विशेष छूट भी मिलेगी।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार कैंप में मरीजों के लिए कैशलेस सुविधा उपलब्ध रहेगी। वहीं जरूरतमंद मरीजों के लिए विशेष सर्जिकल पैकेज और ऑपरेशन के बाद बेहतर रिकवरी एवं पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए फिजियोथेरेपी पैकेज भी उपलब्ध कराए जाएंगे। इस पहल का उद्देश्य लोगों को समय पर सही परामर्श, जांच और उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराना है, ताकि जोड़ों से जुड़ी समस्याओं का प्रभावी प्रबंधन किया जा सके।
इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
विशेषज्ञों का कहना है कि घुटनों में लगातार दर्द, सीढ़ियां चढ़ने में कठिनाई, लंबे समय तक चलने में परेशानी, बैठने के बाद उठने पर दर्द या कूल्हों में जकड़न जैसे लक्षणों को सामान्य मानकर अनदेखा नहीं करना चाहिए। समय के साथ ये समस्याएं दैनिक गतिविधियों को प्रभावित करने लगती हैं और उपचार की प्रक्रिया भी जटिल हो सकती है।
यूनिक सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के जॉइंट रिप्लेसमेंट सर्जन डॉ. के.के. नीमा ने कहा कि नी और हिप से जुड़ी समस्याओं के प्रति जागरूकता बढ़ाना आज की आवश्यकता है। अक्सर मरीज तब चिकित्सक के पास पहुंचते हैं जब समस्या उनके दैनिक जीवन को प्रभावित करने लगती है, जबकि शुरुआती चरण में पहचान और उपचार से बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं।
उन्होंने बताया कि जोड़ों की समस्याएं केवल बढ़ती उम्र तक सीमित नहीं हैं। वर्तमान समय में कम उम्र के लोगों में भी इस तरह की शिकायतें तेजी से देखने को मिल रही हैं। ऐसे में शरीर के संकेतों को समझना और समय पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहद जरूरी है। स्क्रीनिंग कैंप का उद्देश्य लोगों को सही जानकारी और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है, ताकि वे समय रहते उचित उपचार प्राप्त कर सकें।
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