इंदौर। शहर में फूड सेफ्टी को लेकर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए कई बड़े फूड आउटलेट्स पर औचक निरीक्षण किया। कलेक्टर शिवम वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम ने सफाई, भंडारण, हैंडलिंग और फूड सेफ्टी स्टैंडर्ड्स के पालन की जांच की, जिसमें कई प्रतिष्ठानों में गंभीर खामियां सामने आईं।
सपना-संगीता रोड स्थित Subway में गड़बड़ी
यहां रेफ्रिजरेटर में वेज और नॉन-वेज सामग्री एक साथ रखी मिली। किचन एरिया में एंटी-स्लिप मैट भी नदारद था।
KFC, फीनिक्स सिटाडेल मॉल
जांच के दौरान लाइसेंस में दर्ज पर्सन-इन-चार्ज मौके पर मौजूद नहीं मिले। रॉ मटीरियल और रेडी-टू-सर्व फूड के COA (सर्टिफिकेट ऑफ एनालिसिस) नदारद थे। यूएचसी के 4 कंपार्टमेंट में से सिर्फ 2 में ही वेज/नॉन-वेज टैगिंग पाई गई। कुछ डस्टबिन खुले मिले, वहीं स्टाफ के मेडिकल फिटनेस और वैक्सीनेशन रिकॉर्ड भी वेरिफिकेशन के लिए उपलब्ध नहीं कराए गए।
Pizza Hut (Sapphire Foods India Pvt. Ltd.), फीनिक्स सिटाडेल मॉल
यहां भी स्टाफ के मेडिकल फिटनेस रिकॉर्ड्स FSSAI मानकों के अनुरूप नहीं मिले, और किसी भी कर्मचारी का वैक्सीनेशन रिकॉर्ड मौजूद नहीं था। लाइसेंस में दर्ज इंचार्ज मौके पर नदारद रहे। रॉ मटीरियल व तैयार भोजन के COA भी नहीं दिखाए जा सके। सबसे चिंताजनक बात — फूड प्रिपरेशन एरिया में मक्खियां पाई गईं, जो पेस्ट कंट्रोल की खामी की ओर इशारा करता है।
La Pino’z Pizza (Om Ventures), फीनिक्स सिटाडेल मॉल
यहां स्टोर मैनेजर श्री निलेश जड़िया मौके पर मौजूद मिले। जांच में ब्लैक ऑलिव्स, जालापेनो और रेड पैप्रिका पर लगी टैगिंग में यूज-बाय डेट 14 सितंबर 2026 पाई गई — यानी जांच वाले दिन से पहले ही एक्सपायर। स्टाफ के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और पानी की टेस्टिंग रिपोर्ट भी उपलब्ध नहीं थी। पिज्जा पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाले कार्डबोर्ड बॉक्स भी बिखरी हालत में मिले, जिससे उनके दूषित होने की आशंका जताई गई। यहां से पनीर और विभिन्न सॉस सहित कुल 4 सैंपल जांच के लिए लिए गए।
Domino’s Pizza, सपना-संगीता रोड
वेज-नॉन-वेज सामग्री अलग कंपार्टमेंट में तो रखी थी, लेकिन दोनों एक ही मेक-लाइन पर तैयार होते पाए गए। किचन में वेज/नॉन-वेज का स्पष्ट चिन्हांकन नहीं था। ईटिंग एरिया में मक्खियां और पैकेजिंग मटीरियल स्टोरेज में चूहों की बीट के अवशेष मिले। यहां से पनीर और पिज्जा चीज़ स्प्रेड के सैंपल लिए गए।
अब आगे क्या?
प्रशासन ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी कर तय समयसीमा में खामियां दूर करने के निर्देश दिए हैं। तय समय में सुधार न होने या दोबारा उल्लंघन पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने साफ किया है कि शहर में स्वच्छ और सुरक्षित भोजन सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
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