GI टैग वाले हापुस आम बने आकर्षण का केंद्र
इंदौर। आम प्रेमियों के लिए शहर में तीन दिवसीय ‘मैंगो जत्रा 2026’ का शुभारंभ हो गया है। ग्रामीण हाट बाजार में 8 से 10 मई तक चलने वाले इस खास मेले में महाराष्ट्र के कोंकण क्षेत्र से सीधे लाए गए GI टैग वाले हापुस (अल्फांसो) आम लोगों को आकर्षित कर रहे हैं। मेले में रत्नागिरी हापुस, पायरी, मालदा, दशहरी और केसर सहित कई प्रीमियम किस्म के आम उपलब्ध हैं।
आयोजकों के अनुसार, हापुस आम की कीमत साइज के अनुसार 900 से 1300 रुपए प्रति दर्जन तक रखी गई है, जबकि छोटे साइज के हापुस आम 500 रुपए में दो दर्जन तक मिल रहे हैं। रस के लिए मशहूर पायरी आम और अपनी मिठास व खुशबू के लिए प्रसिद्ध मालदा आम की भी अच्छी मांग देखी जा रही है।
मेले में आम के अलावा कोंकण क्षेत्र के विशेष उत्पाद जैसे आम पापड़, कोकम शरबत और कटहल के चिप्स भी बिक्री के लिए रखे गए हैं। साथ ही मराठी व्यंजनों के स्टॉल और इंदौर की चाट-चौपाटी भी लोगों को आकर्षित कर रही है। गृह उपयोगी वस्तुओं की भी बड़ी श्रृंखला यहां उपलब्ध है।
मराठी सोशल ग्रुप ट्रस्ट और हिप्पो कॉर्पोरेशन द्वारा आयोजित इस मेले की खास बात यह है कि यहां किसानों को सीधे ग्राहकों से जोड़ने की व्यवस्था की गई है। आयोजकों का कहना है कि सभी आम प्राकृतिक रूप से पकाए गए हैं और बिना किसी बिचौलिये के सीधे कोंकण के बागानों से इंदौर लाए गए हैं।
मैंगो जत्रा के संयोजक सुधीर दांडेकर ने बताया कि यह आयोजन का 14वां वर्ष है और इसका उद्देश्य इंदौरवासियों को बिना रसायनों के पके असली GI टैग वाले हापुस आम उपलब्ध कराना है। साल 2013 से लगातार आयोजित हो रहे इस मेले को लेकर शहरवासियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
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