PPP मॉडल से लिंक रोड और स्ट्रीट फूड हब तक, इंदौर नगर निगम ने लिए कई बड़े फैसले
मेयर इन काउंसिल की मैराथन बैठक में विकास कार्यों में जनभागीदारी, CSR और PPP मॉडल को बढ़ावा देने पर जोर
इंदौर। शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए इंदौर नगर निगम ने कई अहम फैसले लिए हैं। मंगलवार को महापौर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में हुई मेयर इन काउंसिल की मैराथन बैठक में अवैध कॉलोनियों में संपत्तिकर खाते खोलने, नामांतरण प्रक्रिया आसान करने, कनाडिया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड बनाने और अन्नपूर्णा तालाब के पास स्ट्रीट फूड हब विकसित करने सहित कई प्रस्तावों को मंजूरी दी गई।
बैठक में निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, मेयर इन काउंसिल के सदस्य, अपर आयुक्त और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
अवैध कॉलोनियों में खुलेंगे संपत्तिकर खाते
नगर निगम ने फैसला लिया है कि अवैध कॉलोनियों में स्थित निजी संपत्तियों या प्लॉट के पूर्ण स्वामित्व संबंधी दस्तावेज उपलब्ध होने पर अधिभोगी अथवा अधिवासी के आधार पर संपत्तिकर खाता खोलने की कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, शासकीय भूमि या शासकीय अतिक्रमण वाली संपत्तियों पर संपत्तिकर जमा नहीं किया जाएगा। संपत्तियों के नामांतरण की प्रक्रिया को भी सरल बनाने के लिए एसओपी तैयार करने को मंजूरी दी गई है।
इंटरनेशनल स्वीमिंग पूल और फूटी कोठी स्मार्ट हब PPP मॉडल पर
रणजीत हनुमान मार्ग स्थित ब्रह्मलीन श्री लक्ष्मणसिंह गौड़ उद्यान परिसर में प्रस्तावित इंटरनेशनल स्वीमिंग पूल के निर्माण के बाद उसके संचालन और संधारण का काम PPP मॉडल पर देने का निर्णय लिया गया है।
इसी तरह फूटी कोठी फ्लायओवर के नीचे उपलब्ध रिक्त भूमि पर स्मार्ट हब विकसित किया जाएगा। इसके संचालन और संधारण की जिम्मेदारी भी PPP मॉडल के तहत देने को मंजूरी दी गई।
देवगुराड़िया में 60 टीपीडी क्षमता के नारियल निपटान अपशिष्ट प्रसंस्करण संयंत्र की स्थापना, परीक्षण और कमीशनिंग के लिए एजेंसी चयन को भी मंजूरी दी गई।
पलासिया में दिखेगी ‘अखंड भारत’ थीम
पलासिया चौराहे को CSR के तहत मेसर्स जयदीप इस्पात एंड एलॉयज प्रा.लि. द्वारा गोद लिया जाएगा। यहां ‘आई लव इंदौर’ के साथ ‘अखंड भारत’ थीम पर आधारित स्मारक विकसित किया जाएगा।
वहीं राजकुमार ब्रिज के पास प्लेटफॉर्म नंबर 5 और 6 के सामने चंद्रयान की प्रतिकृति के शेष निर्माण, सौंदर्यीकरण और संधारण का काम एचडी वायर प्रा.लि. द्वारा CSR के तहत किया जाएगा।
कनाडिया रोड से खजराना मंदिर तक बनेगी लिंक रोड
शहर के प्रमुख मार्गों को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए कनाडिया रोड से खजराना मंदिर तक लिंक रोड के निर्माण को मंजूरी दी गई है। निगम का मानना है कि इससे इस क्षेत्र में यातायात और आवागमन को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
इसके अलावा सुभाष नगर और वल्लभ नगर मार्केट में नए मार्केट विकसित करने की दिशा में भी कार्रवाई की जाएगी।
अन्नपूर्णा तालाब के पास बनेगा स्ट्रीट फूड हब
अन्नपूर्णा रोड स्थित तालाब के पास मौजूदा हॉकर्स जोन की जगह स्ट्रीट फूड हब विकसित करने का निर्णय लिया गया है। यह योजना केंद्र सरकार के आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निर्देशों के तहत पथ विक्रेताओं के लिए सहायता घटक के अंतर्गत विकसित की जाएगी।
इससे क्षेत्र के स्ट्रीट फूड कारोबारियों को व्यवस्थित स्थान मिलने के साथ नागरिकों को भी बेहतर सुविधा मिलने की उम्मीद है।
गणेशोत्सव और झांकी को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले
नगर निगम अनंत चतुर्दशी पर परंपरानुसार झांकी निकालेगा और गणेशोत्सव मनाएगा। इसके लिए अनुदान स्वीकृत किया गया है। इंदौर की मिलों को झांकी निर्माण के लिए अंशदान देने का भी निर्णय लिया गया।
गणेशोत्सव विसर्जन चल समारोह में शामिल अखाड़ों को दी जाने वाली प्रोत्साहन राशि 15 हजार रुपये से बढ़ाकर 21 हजार रुपये करने को भी मंजूरी दी गई।
शहर में बनेंगी 70 नई गेंट्री
नगर निगम शहर में 70 नई गेंट्री बनाने जा रहा है। इनके 10 वर्षों के विज्ञापन अधिकार देने के लिए ऑनलाइन निविदा आमंत्रित की जाएगी।
कमला नेहरू प्राणी संग्रहालय में कैमरा शुल्क, मूवी कैमरा शुल्क और व्यावसायिक फोटोग्राफरों के शुल्क में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी गई है। हालांकि, जू का प्रवेश शुल्क नहीं बढ़ाया जाएगा।
कर्मचारियों के पारिश्रमिक और पानी की व्यवस्था पर भी निर्णय
नगर निगम में कार्यरत मस्टर श्रमिकों को कलेक्टर इंदौर द्वारा निर्धारित नवीन दर के अनुसार पारिश्रमिक देने की स्वीकृति दी गई। कर्मचारी यूनियन की मांगों से संबंधित प्रस्ताव शासन को भेजने का भी निर्णय लिया गया।
गर्मी के मौसम में नागरिकों को पर्याप्त और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए संपवेल पर क्लोरीनेटर सहित अन्य जरूरी संयंत्र लगाने पर भी सहमति बनी।
PPP, CSR और जनभागीदारी से विकास पर जोर
बैठक के बाद महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि शहर के विकास को केवल पारंपरिक तरीके से आगे बढ़ाने के बजाय PPP मॉडल, CSR और जनभागीदारी के माध्यम से नए प्रयोग किए जा रहे हैं। स्वच्छता के साथ-साथ शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करना नगर निगम की प्राथमिकता है।
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