5.11 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी दवा
कलेक्टर शिवम वर्मा की अध्यक्षता में जिला टास्क फोर्स की बैठक संपन्न, 3600 से अधिक बूथ और 8000 कर्मचारी होंगे तैनात
इंदौर। जिले में आगामी पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला टास्क फोर्स (DTF) की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर शिवम वर्मा ने की। अधिकारियों ने बताया कि भारत को वर्ष 2014 में पोलियो मुक्त घोषित किया जा चुका है, लेकिन पड़ोसी देशों में अब भी पोलियो के मामले सामने आने के कारण सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है।
बैठक में कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से अभिभावकों को अपने नजदीकी पोलियो बूथों की जानकारी दी जाएगी, ताकि वे अभियान के पहले ही दिन अपने बच्चों को पोलियो की खुराक दिला सकें। उन्होंने नियमित टीकाकरण तथा खसरा-रूबेला जैसी स्वास्थ्य सेवाओं को भी प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुंचाने पर जोर दिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. माधव हसानी ने बताया कि 28 जून 2026 (रविवार) को जिले में आयोजित होने वाले पल्स पोलियो अभियान के तहत 0 से 5 वर्ष तक के लगभग 5 लाख 11 हजार 449 बच्चों को पोलियो रोधी दवा पिलाई जाएगी। पहले दिन बूथों पर बच्चों को खुराक दी जाएगी, जबकि छूटे हुए बच्चों तक अगले दो दिनों में घर-घर पहुंचकर दवा पहुंचाई जाएगी।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. तरुण गुप्ता ने जानकारी दी कि अभियान के लिए 3600 से अधिक पोलियो बूथ, मोबाइल टीमें और 8000 से अधिक स्वास्थ्यकर्मी एवं स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। विशेष फोकस प्रवासी आबादी, झुग्गी-बस्तियों, निर्माण स्थलों और घुमंतू समुदायों पर रहेगा। इसके अलावा रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और अन्य ट्रांजिट प्वाइंट्स पर भी विशेष पोलियो बूथ लगाए जाएंगे।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, सामाजिक न्याय विभाग, विभिन्न चिकित्सा संस्थानों, सामाजिक संगठनों एवं गैर-सरकारी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। कलेक्टर ने सभी विभागों और संगठनों से अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय सहयोग का आह्वान किया।
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