इंदौर में सीवरेज प्रोजेक्ट के तहत कई जगहों पर लाइनें बिछाई गईं और चैंबर बनाए गए, लेकिन निर्माण के दौरान गुणवत्ता पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया। नतीजा यह है कि शहरभर में चैंबर धंस रहे हैं। चैंबरों से लीकेज होने के कारण आसपास की मिट्टी कमजोर पड़ जाती है और सड़कें भी धंसने लगती हैं। बॉम्बे अस्पताल क्षेत्र में भी गड्ढे के पास चैंबर मौजूद था।
शहर में अब तक कई स्थानों पर सड़क धंसने की घटनाएं हो चुकी हैं। राजवाड़ा क्षेत्र में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत बनी सड़क के नीचे करीब तीन महीने पहले नर्मदा लाइन को भरकर चार्ज किया गया था। इस दौरान लाइन फूट गई और सड़क धंस गई। रावजी बाजार, मेघदूत गार्डन रोड और पंढ़रीनाथ क्षेत्र में भी सड़क पर गड्ढे पड़ने के मामले सामने आ चुके हैं। रावजी बाजार में एक गड्ढे की गहराई 15 फीट से अधिक बताई गई थी।
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