इंदौर। कला और संस्कृति के संरक्षण के उद्देश्य से अनंत जीवन संस्था और शोध समिति द्वारा आयोजित लोकोत्सव 2024 का भव्य शुभारंभ 25 दिसंबर को लालबाग पैलेस में हुआ। इस आयोजन ने भारत के विभिन्न राज्यों के मशहूर शिल्पकारों, कलाकारों और व्यंजनों को एक ही मंच पर प्रस्तुत किया। इस महोत्सव का उद्घाटन भारत सरकार के वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प विकास आयुक्त कार्यालय की सहायक निदेशक, मा. श्रीमती अर्पणा देशमुख, ने किया।

25 से 31 दिसंबर 2024 तक चलने वाला यह आयोजन प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से रात 10 बजे तक कला प्रेमियों को आकर्षित करेगा। उद्घाटन समारोह में मा. श्रीमती अर्पणा देशमुख ने कहा, “ऐसे आयोजनों का हिस्सा बनकर हमेशा खुशी होती है। यह महोत्सव न केवल कला और संस्कृति को संरक्षित करने का प्रयास है, बल्कि इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी साधन है। यहां भारतभर के व्यंजन, हस्तशिल्प, चित्रकला, और अन्य कलाकृतियां प्रस्तुत की जा रही हैं, जो सराहनीय हैं। सभी कलाकारों को मेरी शुभकामनाएं।”

महोत्सव के आयोजक अनंत जीवन संस्था और शोध समिति की ओर से सुश्री ज्योति कुमरावत और श्री जय कुमरावत ने कहा, “लोकोत्सव 2024 कला और संस्कृति के क्षेत्र में एक नई शुरुआत है। हम सभी मेहमानों का स्वागत करते हैं और इस महोत्सव को यादगार बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
महोत्सव में देशभर के प्रसिद्ध कलाकार पारंपरिक नृत्य, संगीत और नाटकों का प्रदर्शन करेंगे। साथ ही हस्तशिल्प, लकड़ी का काम, जरी कढ़ाई, मिट्टी के बर्तन, और अन्य शिल्पकृतियों की प्रदर्शनी और बिक्री भी होगी। आगंतुक राजस्थानी, पंजाबी, दक्षिण भारतीय, और मालवी जैसे विभिन्न क्षेत्रों के स्वादिष्ट व्यंजनों का आनंद ले सकते हैं।

इसके अलावा, बच्चों के लिए मनोरंजन झूले, खेल और विशेष कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। शिल्पकार, रसोइये और कलाकार कला, शिल्प और पाक-कला पर विशेष सत्र भी प्रस्तुत करेंगे। यह उत्सव समाज को अपनी जड़ों से जोड़ने और परंपराओं को पुनर्जीवित करने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
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