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12 साल के बच्चे की सफल सर्जरी ने रचा इतिहास
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इंदौर में जल्द शुरू होगी यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स हैदराबाद की OPD, अब इंदौर में भी मिलेगा उन्नत इलाज
इंदौर । जब फेफड़े काम करना बंद कर देते हैं और हर सांस मुश्किल बन जाती है, तब लंग ट्रांसप्लांट ही जीवन की आखिरी उम्मीद बनकर सामने आता है। आधुनिक चिकित्सा में आई नई तकनीकों ने अब ऐसे मरीजों को भी नई जिंदगी देना संभव कर दिया है, जिन्हें पहले बचाना लगभग नामुमकिन माना जाता था। यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स ने हाल ही में एक 12 वर्षीय बालक पर सफल बाइलेटरल लोबर लंग ट्रांसप्लांट कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। पैराक्वाट जहर के कारण गंभीर स्थिति में पहुंचे इस बच्चे को नई जिंदगी देना चिकित्सा क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
इंटरस्टिशियल लंग डिजीज (ILD), गंभीर COPD, पल्मोनरी फाइब्रोसिस, ब्रोंकिएक्टेसिस और केमिकल पॉइजनिंग जैसे मामलों में लंग ट्रांसप्लांटेशन जीवन रक्षक साबित हो रहा है। समय पर इलाज और सही रेफरल से मरीजों की सर्वाइवल रेट में तेजी से सुधार हो रहा है। गंभीर श्वसन वि
फलता के मामलों में ECMO तकनीक अहम भूमिका निभा रही है। यह तकनीक उन मरीजों के लिए जीवन रेखा साबित हो रही है जो लंग ट्रांसप्लांट का इंतजार कर रहे होते हैं। यह बात यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के डॉ. बी. विश्वेश्वरन (MD, DNB, DM – पल्मोनरी एवं क्रिटिकल केयर, गोल्ड मेडलिस्ट; सीनियर कंसल्टेंट–इंटरवेंशनल पल्मोनोलॉजी एवं स्लीप मेडिसिन) ने अपने इंदौर प्रवास के दौरान एक प्रेस वार्ता में कही l
आगे डॉ. बी. विश्वेश्वरन ने बताया कि – देश में उन्नत स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में लगातार प्रगति करते हुए यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स, हैदराबाद ने लंग ट्रांसप्लांटेशन और एडवांस्ड पल्मोनोलॉजी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। अस्पताल समूह गंभीर फेफड़ों की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए अत्याधुनिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है।
इस अवसर पर आशुतोष राठौर (सेंट्रल इंडिया इंचार्ज) ने बताया कि – मध्य भारत के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स जल्द ही इंदौर में सुपर-स्पेशलिटी ओपीडी सेवाएं शुरू करने की योजना बना रहा है, जिससे मरीजों को उन्नत इलाज के लिए बाहर जाने की आवश्यकता कम होगी। इस पहल के लिए ग्राउंड कोऑर्डिनेशन और स्थानीय सहयोग की जिम्मेदारी श्री आनंद राठौर, सीनियर एग्जीक्यूटिव, यशोदा ग्रुप ऑफ हॉस्पिटल्स द्वारा संभाली जाएगी।
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