इंदौर। प्रस्तावित आउटर रिंग रोड और मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के विरोध में सोमवार को शिप्रा, पीथमपुर सहित आसपास के 44 गांवों के सैकड़ों किसान इंदौर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और धरना-प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि इन परियोजनाओं के लिए उनकी कृषि भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है, जबकि बदले में दिया जा रहा मुआवजा जमीन की वास्तविक बाजार कीमत की तुलना में बेहद कम है।
प्रदर्शन में शामिल किसानों का कहना है कि जिन जमीनों का अधिग्रहण प्रस्तावित है, उनकी वर्तमान कीमत करोड़ों रुपये में है, लेकिन शासन द्वारा निर्धारित मुआवजा किसानों के हितों के अनुरूप नहीं है। इससे प्रभावित परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
किसान नेता संतोष सिगारे ने बताया कि आउटर रिंग रोड और मनमाड़ रेलवे लाइन परियोजना के कारण करीब 44 गांव प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी किसानों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर विरोध दर्ज कराया था, लेकिन अब तक प्रशासन की ओर से किसी भी प्रकार के बदलाव या संशोधित योजना की लिखित जानकारी नहीं दी गई है।
किसानों ने मांग की है कि दोनों परियोजनाओं की समीक्षा कर प्रभावित गांवों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए योजना में आवश्यक संशोधन किए जाएं। उनका कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
धरने के दौरान किसानों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चेतावनी दी कि उचित समाधान नहीं मिलने पर आगामी दिनों में उग्र आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी।
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