मोहन यादव के नेतृत्व में मध्य प्रदेश सरकार ने वर्ष 2026 का बजट पेश करते हुए किसानों, मजदूरों, महिलाओं और युवाओं को प्राथमिकता दी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने 1 लाख सोलर पंप, श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये, 11,277 जनजातीय गांवों के विकास, ग्रामीण कनेक्टिविटी, छात्रवृत्ति योजनाओं और महिला कल्याण के लिए 1.27 लाख करोड़ रुपये से अधिक के प्रावधानों की घोषणा की। बजट में कृषि, सामाजिक सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिखाई दिया।
किसानों के लिए विशेष प्रावधान
किसानों को 3,000 करोड़ रुपये की लागत से 1 लाख सोलर पंप उपलब्ध कराए जाएंगे। किसान सम्मान निधि और मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत किसानों को प्रतिवर्ष 12,000 रुपये दिए जा रहे हैं। कृषक उन्नति योजना के तहत अतिरिक्त प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है।
- पीएम फसल बीमा योजना के लिए 1,299 करोड़ रुपये
- सीएम कृषक उन्नति योजना के लिए 5,500 करोड़ रुपये
- 6.69 लाख किसानों को 337 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि
- वर्ष 2026 को ‘किसान कल्याण वर्ष’ घोषित
- 1 लाख हेक्टेयर में प्राकृतिक खेती को बढ़ावा
प्रदेश दाल उत्पादन में प्रथम और गेहूं-तिलहन में द्वितीय स्थान पर है। जैविक और प्राकृतिक खेती के लिए 21.42 लाख हेक्टेयर क्षेत्र पंजीकृत किया गया है।
श्रमिकों और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस
श्रम विभाग के लिए 1,335 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। असंगठित क्षेत्र के कामगारों को सामाजिक सुरक्षा से जोड़ने पर जोर है। जन धन, सुरक्षा बीमा और जीवन ज्योति बीमा योजनाओं से करोड़ों लोग लाभान्वित हो रहे हैं।
युवा और शिक्षा
पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति के तहत 7.95 लाख विद्यार्थियों को सहायता दी जाएगी। सरदार पटेल कोचिंग योजना के अंतर्गत 4,000 विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए सहयोग मिलेगा। खेल गतिविधियों के लिए 815 करोड़ रुपये और सभी विधानसभा क्षेत्रों में स्टेडियम निर्माण का प्रावधान किया गया है।
महिला सशक्तिकरण
लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए 8,801 करोड़ रुपये और लाड़ली बहना योजना के लिए 23,882 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। आंगनबाड़ी के माध्यम से 80 लाख दूध पैकेट वितरित किए जाएंगे। नारी कल्याण योजनाओं के लिए कुल 1,27,555 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
बुनियादी ढांचा और ग्रामीण विकास
ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए 21,630 करोड़ रुपये और सड़क मरम्मत के लिए 12,690 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग को 40,062 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। पीएम आवास योजना के लिए 6,850 करोड़ रुपये निर्धारित हैं।
पर्यावरण और संस्कृति
वन एवं पर्यावरण क्षेत्र के लिए 6,151 करोड़ रुपये तथा मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान है। धर्म और संस्कृति के संरक्षण के लिए 2,055 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
पुलिस और प्रशासनिक सुधार
पुलिस विभाग में 22,500 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 11,000 नए आवास बनाए गए हैं। डिजिटल प्रणाली को मजबूत करते हुए 14 लाख से अधिक ई-समन जारी किए गए हैं और 25,000 टैबलेट वितरित किए जा रहे हैं।
सिंहस्थ महापर्व की तैयारी
सिंहस्थ के लिए अब तक 13,851 करोड़ रुपये के विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं और 2026-27 के लिए 3,060 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान रखा गया है। इंदौर-उज्जैन मार्ग के सिक्स लेन विस्तार, ग्रीनफील्ड हाईवे और उज्जैन बायपास जैसी परियोजनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है।
कुल मिलाकर, यह बजट किसानों की आय बढ़ाने, महिलाओं को सशक्त बनाने, युवाओं को अवसर देने और प्रदेश में बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में एक व्यापक और समावेशी प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया गया है।
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