इंदौर: न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंडिया (NSI) अपना 73वां वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन एनएसआईकॉन 2025 इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर, विजय नगर में 10 से 14 दिसंबर 2025 तक आयोजित करने जा रही है। यह सम्मेलन विशेष है क्योंकि इस वर्ष सोसाइटी अपनी स्थापना के 75 वर्ष पूरे कर रही है। सम्मेलन की थीम “ब्रेन और स्पाइन केयर में चुनौतियों पर विजय” निर्धारित की गई है, जो न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में नवीन तकनीक, अनुसंधान और वैज्ञानिक विचार-विमर्श को प्रोत्साहन देने की एनएसआई की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
इस सम्मेलन का आयोजन न्यूरोलॉजिकल सोसाइटी ऑफ इंदौर द्वारा किया जा रहा है, जिसमें शहर के सभी न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन शामिल हैं। इंदौर में यह तीसरा अवसर है जब एनएसआई का राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित हो रहा है। इससे पहले वर्ष 1999 और 2004 में भी सम्मेलन का सफल आयोजन किया जा चुका है। पिछली उत्कृष्ट मेजबानी के अनुभव के चलते समिति ने 75वीं वर्षगांठ समारोह के लिए इंदौर को फिर से चुना है।
उद्घाटन समारोह
एनएसआईकॉन 2025 का औपचारिक उद्घाटन 11 दिसंबर को दोपहर 12 बजे मध्यप्रदेश के माननीय राज्यपाल श्री मंगुभाई सी. पटेल द्वारा किया जाएगा। इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के कैबिनेट मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे।
ऑर्गनाइजिंग चेयरमैन डॉ. वसंत डाकवाले और ऑर्गनाइजिंग सेक्रेटरी डॉ. जे. एस. कठपाल ने बताया कि यह सम्मेलन चिकित्सा क्षेत्र में ज्ञान-विस्तार, उपचार मानकों में सुधार और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उनके अनुसार, सम्मेलन में 700 से अधिक वैज्ञानिक प्रस्तुतियाँ — शोधपत्र, केस स्टडी, वीडियो प्रेजेंटेशन और डिबेट्स — आयोजित की जाएंगी, जो इसकी वैज्ञानिक गुणवत्ता एवं वैश्विक भागीदारी को दर्शाती हैं।
इसके साथ ही, 10 दिसंबर को सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में न्यूरो-नर्सिंग पर केंद्रित समानांतर सम्मेलन SINNCON 2025 भी आयोजित होगा, जिसमें नर्सिंग स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि सर्जरी के दौरान डॉक्टरों को अधिकतम सहायता मिल सके।
वरिष्ठ न्यूरो विशेषज्ञ डॉ अपूर्व पौराणिक ने बताया कि एनएसआईकॉन 2025 चिकित्सा ज्ञान के संवर्धन, उपचार मानकों के उन्नयन और आम जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अंतरराष्ट्रीय भागीदारी
इस वर्ष सम्मेलन में CNS (अमेरिका), EANS (यूरोप) और ABNC (ब्राज़ील) जैसी प्रमुख अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भाग लेंगे। सम्मेलन में प्रमुख विशेषज्ञों में शामिल हैं: डॉ. डेनियल जे. होह (अध्यक्ष, CNS-USA), डॉ. टॉर्स्टिन आर. मेलिंग (अध्यक्ष, EANS-डेनमार्क), डॉ. पाउलो हेनरिके (अध्यक्ष, ब्राज़ीलियन सोसाइटी ऑफ न्यूरोसर्जरी), डॉ. लुईस बोर्बा (चेयरमैन, WFNS एजुकेशन एंड ट्रेनिंग कमिटी), प्रो. डॉ. आकाश पटेल (USA), डॉ. रॉब्सन अमोरियम (ब्राज़ील), डॉ. आंद्रे जिओकोमेली (ब्राज़ील) और डॉ. गार्नी बार्खुडारियन (USA) के साथ डॉ. अशोक वर्मा (मियामी) भी शामिल होंगे।
विशेष आकर्षण के रूप में ‘जैकब चांडी ऑरेशन’ डॉ. केनान अरनौतविक (USA) और ‘डॉ. राम गिंडे ऑरेशन’ डॉ. लुईस बोर्बा (ब्राज़ील) द्वारा प्रस्तुत किए जाएंगे।
भारतीय विशेषज्ञ और कार्यशालाएँ
भारत के प्रमुख न्यूरोलॉजिस्ट और न्यूरोसर्जन भी इसमें सम्मिलित होंगे, जिनमें डॉ. मानस पाणिग्रही (अध्यक्ष, NSI), डॉ. के. श्रीधर (अध्यक्ष-निर्वाचित), डॉ. अतुल गोयल, डॉ. बी. के. मिश्रा, डॉ. लक्ष्मी नरसिम्हन, डॉ. निर्बल सूर्या, डॉ. मेहंदिरत्ता, डॉ. मोहित भट्ट, डॉ. एस. एम. कात्रक और डॉ. यू. के. मिश्रा शामिल होंगे।
सम्मेलन की शुरुआत 7 विशेष हैंड्स-ऑन कार्यशालाओं से होगी, जिनमें मस्तिष्क की जटिल संरचना, माइक्रोसर्जरी, एंडोस्कोपिक तकनीकें, एंडोवास्कुलर प्रक्रियाएँ, बोटॉक्स इंटरवेंशन और संज्ञानात्मक पुनर्वास जैसे विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
11 दिसंबर को CME सत्र में नवीन उपचार पद्धतियों पर विशेषज्ञ विचार-विमर्श करेंगे।
12 से 14 दिसंबर तक वैज्ञानिक सत्र, पैनल चर्चा, वाद-विवाद और शोध प्रस्तुतियाँ आयोजित की जाएंगी।
14 दिसंबर को एनएसआई द्वारा सड़क सुरक्षा जनजागरूकता अभियान संचालित किया जाएगा, जिसमें हेलमेट के उपयोग और सुरक्षित ड्राइविंग को बढ़ावा देने का संदेश दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 13 दिसंबर को जनरल वी. पी. मलिक (PVSM, AVSM), पूर्व थलसेनाध्यक्ष का विशेष संबोधन भी होगा।
एनएसआईकॉन 2025 इंदौर को न केवल चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में, बल्कि जनहित और चिकित्सा शिक्षा के स्तर पर भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने जा रहा है।
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