एसजीएसआईटीएस इनक्यूबेशन फोरम (SIF) और हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) विमान प्रभाग, नासिक के बीच एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOA) पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत HAL अपनी कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) पहल के अंतर्गत एसजीएसआईटीएस को एक करोड़ रुपए के अत्याधुनिक उपकरण प्रदान करेगा, जिनका उपयोग फैब्रिकेशन लैब, डाइज और डिजाइन रूम्स के निर्माण के लिए किया जाएगा।
उद्योग और शिक्षा के बीच सेतु
समारोह में तकनीकी शिक्षा मंत्री और एसजीएसआईटीएस शासी निकाय के अध्यक्ष इंदर सिंह परमार ने इस साझेदारी को नवाचार को बढ़ावा देने और नए उद्यमियों व स्टार्टअप्स के लिए संसाधन उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया। उन्होंने कहा, “यह सहयोग इन्क्यूबेशन फोरम की क्षमताओं को मजबूत करेगा और छात्रों को उन्नत तकनीकी ज्ञान प्रदान करेगा।”
HAL मिग कॉम्प्लेक्स के सीईओ साकेत चतुर्वेदी ने बताया कि HAL अभी भी अपने विमान निर्माण के लिए 40% पार्ट्स विदेशों से आयात करता है। उन्होंने कहा, “हमें गुणवत्ता और मानकों का विशेष ध्यान रखते हुए छोटे वेंडर्स और स्थानीय आपूर्तिकर्ताओं को प्रोत्साहित करना होगा।”
समझौता हस्ताक्षर समारोह
समारोह में मंत्री इंदर सिंह परमार के साथ HAL के अधिकारियों में डॉ. दिव्या गुप्ता (स्वतंत्र निदेशक और CSR समिति की अध्यक्ष), साकेत चतुर्वेदी (सीईओ, मिग कॉम्प्लेक्स), और सुब्रत मोंडल (जीएम, एओडी) उपस्थित थे। एसजीएसआईटीएस की ओर से, निदेशक डॉ. नीतेश पुरोहित और SIF के निदेशक तपन मुखर्जी व रमेश व्यास भी मौजूद थे।
स्थानीय उद्योगों के लिए वेंडर मीट का आयोजन
कार्यक्रम के दौरान HAL ने वेंडर मीट का भी आयोजन किया, जिसमें 50 से अधिक उद्योगों ने भाग लिया। वेंडर मीट में HAL के टेंडर प्रक्रिया, रजिस्ट्रेशन और आवश्यकताओं पर विस्तृत जानकारी दी गई। इससे स्थानीय उद्योगों को HAL के साथ जुड़ने का अवसर मिला।
छात्रों और स्टार्टअप्स को मिलेगा लाभ
इस साझेदारी के तहत HAL अगले तीन वर्षों में SIF को कई ऐसे उपकरण प्रदान करेगा, जो वर्तमान में उपलब्ध नहीं हैं। इसका सीधा लाभ एसजीएसआईटीएस के छात्रों और इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े स्टार्टअप्स को मिलेगा।
इस सहयोग ने उद्योग, शिक्षा और नवाचार को एक मंच पर लाकर इंदौर और देश के लिए विकास के नए द्वार खोले हैं।
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