शिक्षा, समाजसेवा और राष्ट्रसेवा के मूल्यों से प्रेरित हुए विद्यार्थी
दो दिवसीय आयोजन में भारती ठाकुर ने ग्रामीण शिक्षा एवं आत्मनिर्भरता का मॉडल साझा किया, जबकि अनुराधा प्रभुदेसाई ने भारतीय सेना के शौर्य और राष्ट्रसेवा का संदेश दिया
इंदौर । पद्मश्री स्वर्गीय शालिनी ताई मोघे की 15वीं पुण्यतिथि के अवसर पर बाल निकेतन संघ द्वारा आयोजित दो दिवसीय “शालिनी ताई मोघे व्याख्यान श्रृंखला” का सफलतापूर्वक समापन हुआ। इस व्याख्यान श्रृंखला का उद्देश्य शालिनी ताई मोघे के शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, समाजसेवा एवं राष्ट्रनिर्माण से जुड़े विचारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना तथा समाज में सेवा, संवेदनशीलता और उत्तरदायित्व की भावना को मजबूत करना था।
श्रृंखला के प्रथम दिवस समाजसेवी एवं नर्मदालय की संस्थापक भारती ठाकुर ने ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता के अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल विद्यालय तक सीमित न रहकर व्यक्ति को आत्मनिर्भर, संवेदनशील और समाज के प्रति उत्तरदायी बनानी चाहिए। उन्होंने नर्मदालय द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों, कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की विभिन्न पहल की जानकारी देते हुए समाज के सक्षम वर्ग से वंचित बच्चों की शिक्षा में सहभागी बनने का आह्वान किया।
व्याख्यान श्रृंखला के दूसरे एवं समापन सत्र में लक्ष्य फाउंडेशन, पुणे की संस्थापक अनुराधा प्रभुदेसाई ने भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन, त्याग और राष्ट्रसेवा की प्रेरक गाथाओं से विद्यार्थियों एवं उपस्थित नागरिकों को भावविभोर किया। उन्होंने कारगिल युद्ध सहित भारतीय सैनिकों के संघर्ष एवं बलिदान के अनेक प्रेरक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा केवल सीमाओं पर तैनात सैनिकों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है कि वह अपने जीवन में अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा को अपनाए।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2009 में स्थापित लक्ष्य फाउंडेशन के माध्यम से अब तक देशभर में 900 से अधिक प्रेरक व्याख्यान आयोजित किए जा चुके हैं। संस्था भारतीय सेना के शौर्य, वीर नारियों और शहीद परिवारों के सम्मान के साथ-साथ युवाओं में राष्ट्रप्रेम एवं सशस्त्र बलों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने का निरंतर कार्य कर रही है।
बाल निकेतन संघ की सचिव डॉ. नीलिमा अदमणे ने कहा कि शालिनी ताई मोघे का संपूर्ण जीवन शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और समाजसेवा के लिए समर्पित रहा। उन्होंने कहा कि दो दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला ने उनके विचारों और मूल्यों को नई ऊर्जा के साथ समाज के सामने प्रस्तुत किया। पहले दिन ग्रामीण शिक्षा और सामाजिक विकास पर सार्थक संवाद हुआ, जबकि दूसरे दिन राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और कर्तव्य की भावना पर प्रेरक चर्चा हुई। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस आयोजन से प्राप्त विचार प्रतिभागियों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का आधार बनेंगे।
कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने भारतीय सैनिकों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हुए राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। बाल निकेतन संघ ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए शालिनी ताई मोघे के शिक्षा एवं समाजसेवा के मूल्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया।
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