इंदौर। शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया की गोल्डन जुबली के अवसर पर इंदौर स्थित शंकरा आई सेंटर में समारोह आयोजित किया गया। संस्था की 50 वर्षों की सेवा यात्रा को समर्पित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव वर्चुअल माध्यम से जुड़े। समारोह में उपमुख्यमंत्री एवं लोक स्वास्थ्य व चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ला, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, सांसद शंकर लालवानी और संस्था के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे।
80 प्रतिशत जरूरतमंद मरीजों को मुफ्त उपचार
मुख्यमंत्री ने कहा कि शंकरा आई फाउंडेशन इंडिया के चिकित्सा मॉडल के तहत लगभग 80 प्रतिशत जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क नेत्र चिकित्सा सेवाएं दी जाती हैं, जबकि शेष 20 प्रतिशत मरीज उपचार के लिए भुगतान करते हैं। उन्होंने कहा कि समाजसेवा और जनकल्याण के कार्य समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
डॉ. यादव ने प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य सरकार मेडिकल कॉलेजों, एंबुलेंस सेवाओं और ट्रॉमा सेंटरों की सुविधाएं बढ़ाने के लिए प्रयासरत है। उन्होंने संस्था को गोल्डन जुबली की बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि आने वाले वर्षों में भी यह जरूरतमंदों तक बेहतर नेत्र चिकित्सा सेवाएं पहुंचाती रहेगी।
5 लाख बच्चों की निःशुल्क नेत्र जांच का लक्ष्य
समारोह में संस्था के संस्थापक पद्मश्री डॉ. आर.वी. रमणी ने नेत्र स्वास्थ्य के क्षेत्र में चल रहे कार्यों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि संस्था के ‘रेनबो स्क्रीनिंग प्रोग्राम’ के माध्यम से पांच लाख बच्चों की निःशुल्क नेत्र जांच करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य बच्चों में दृष्टि संबंधी समस्याओं की समय पर पहचान कर उन्हें उचित उपचार और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है।
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