इंदौर। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर रविवार, 26 जुलाई को टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स द्वारा डॉ. संदीप जुल्का के नेतृत्व में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम शाम 4:30 बजे सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ऑडिटोरियम, ढक्कन वाला कुआं में आयोजित होगा। कार्यक्रम में भारतीय सेना के शौर्य, राष्ट्रीय सुरक्षा, भारत की रणनीतिक दिशा तथा डिजिटल युग में भारतीय विरासत के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने विचार साझा करेंगे। इसमें पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों, चिकित्सकों, शिक्षकों और समाज के विभिन्न वर्गों के नागरिकों की सहभागिता रहेगी।
कार्यक्रम में सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल यादवेन्द्र जादौन “भारत की रणनीतिक दिशा : एक परिप्रेक्ष्य” विषय पर व्याख्यान देंगे। वे कारगिल युद्ध के बाद भारत की बदलती रणनीतिक सोच, राष्ट्रीय सुरक्षा, सीमाओं पर उभरती चुनौतियों, ऑपरेशन सिंदूर, भारत की रक्षा तैयारियों, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में देश की भूमिका तथा बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य पर विस्तार से चर्चा करेंगे।
वहीं, एलएनसीटी की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर डॉ. संध्या चौकसे “डिजिटल युग में भारतीय विरासत : अतीत का संरक्षण और भविष्य का निर्माण” विषय पर अपने विचार रखेंगी। उनके व्याख्यान में भारतीय सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, आधुनिक तकनीकों के माध्यम से इतिहास को नई पीढ़ी तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने और डिजिटल माध्यमों की भूमिका पर विशेष प्रकाश डाला जाएगा।
टीम हेल्थकेयर सोल्जर्स के संस्थापक एवं वरिष्ठ हार्मोन रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप जुल्का ने कहा कि कारगिल विजय दिवस केवल वर्ष 1999 की ऐतिहासिक जीत का स्मरण नहीं है, बल्कि यह भारत की मजबूत होती रक्षा रणनीति, सैन्य क्षमता और राष्ट्रीय सुरक्षा के निरंतर विकास का प्रतीक भी है। उन्होंने कहा कि कारगिल से लेकर हाल के ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सशस्त्र बलों ने साहस, संयम और आधुनिक युद्ध कौशल का उत्कृष्ट परिचय दिया है। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को भारत की रणनीतिक यात्रा, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक करना है।
सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल यादवेन्द्र जादौन ने कहा कि कारगिल युद्ध से लेकर हालिया ऑपरेशन सिंदूर तक भारतीय सशस्त्र बलों ने हर चुनौती का दृढ़ता से सामना किया है। बदलते युद्ध स्वरूप, अत्याधुनिक तकनीकों और वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को समझना आज की युवा पीढ़ी के लिए उतना ही आवश्यक है, जितना देश के गौरवशाली इतिहास को जानना। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा केवल सेना की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी इसकी महत्वपूर्ण कड़ी है।
डॉ. संध्या चौकसे ने कहा कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत केवल स्मारकों या पुस्तकों तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारी जीवनशैली, मूल्य व्यवस्था, ज्ञान परंपरा और वैज्ञानिक सोच की आधारशिला है। नालंदा विश्वविद्यालय, शून्य की खोज, गणित, आयुर्वेद, शल्य चिकित्सा और भारतीय सेना की वीर गाथाएं हमारी समृद्ध विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, वर्चुअल रियलिटी, एनिमेशन और डिजिटल स्टोरीटेलिंग जैसी आधुनिक तकनीकों के माध्यम से भारतीय इतिहास और संस्कृति को बच्चों एवं युवाओं तक अधिक प्रभावी और रोचक तरीके से पहुंचाया जा सकता है।
डॉ. जुल्का ने बताया कि कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में सुबह भी एक विशेष देशभक्ति कार्यक्रम सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल ऑडिटोरियम में आयोजित किया जाएगा। इसमें सिक्का स्कूल, डीपीएस इंदौर, लॉरेल्स इंटरनेशनल स्कूल, माँ उमिया गर्ल्स स्कूल, एक्रोपोलिस कॉलेज, एलएनसीटी कॉलेज, एनसीसी, बीएसएफ बैंड तथा शिशुकुंज स्कूल के विद्यार्थियों ने भागीदारी में रुचि दिखाई है। कार्यक्रम का सीधा प्रसारण यूट्यूब पर भी किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोग इस आयोजन से जुड़ सकें।
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