Skip to content
localIndore.in
loader-image
Indore
8:05 AM, 13/03/2026
temperature icon 21°C
haze
Humidity: 46 %
Wind: 0 Km/h
Clouds: 0%
Visibility: 5 km
Sunrise: 6:37 AM
Sunset: 6:34 PM
Menu
  • होम
  • स्वास्थ
  • क्राइम
  • मनोरंजन
  • खेल
  • व्यापार / कॉर्पोरेट
  • राजनीति
  • विज्ञान
Menu

पेरेंटिंग का नया दौर: दोस्त बनें अभिभावक- डॉ. शिखा अग्रवाल

Posted on February 25, 2025

टीन ऐज पेरेंटिंग की दुविधाएं

डॉ. शिखा अग्रवाल

जेनरेशन Z या मिलेनियल जेनरेशन यह शब्द अक्सर आजकल हमारे आसपास सुनने को मिलते हैं। इनको सुनते ही हमारे मानस पटल पर एक ऐसे बच्चों की तस्वीर उभर आती है जो निष्फिक्र, कानों में हेडफोन लगाए हुए अपनी ही दुनिया में मस्त है। यह बच्चा अपनी बात सामने रखने से घबराता नहीं है, अपने जीवन को लेकर उसके कुछ अपने उसूल हैं और वह अपनी हर बात को मनवाने की कला बखूबी जानता है।

अगर आप एक ऐसे बच्चों के अभिभावक हैं तो निश्चय ही आप भी कुछ समस्याओं से जूझ रहे होंगे। कि यह बच्चे तर्क वितर्क करना जानते हैं, आपकी सोच को पूरी तरीके से अपनाते नहीं हैं और वह अपने जीवन को अपने तरीके से जीना जानते हैं। अगर हम सोचें या चिंतन करें तो इस बात में कोई बुराई नहीं है, हर एक व्यक्ति को अधिकार होता है कि वह अपना जीवन अपने अनुसार जिए, खुद के नियम बनाए और हर एक अनुभव से सीखे और आगे की दिशा तय करे। परंतु यह सब करते हुए यह देखा गया है कि बच्चे और अभिभावक आपस में सही तालमेल नहीं बैठा पा रहे हैं, इन्हीं कुछ पहलुओं पर हम गौर करते हैं।

इस पीढ़ी के पहले जब हम बच्चे थे, हमारे अभिभावक हमसे शायद ही कभी यह कहते थे कि हम तुम्हारे दोस्त हैं, वे एक गरिमामय व्यवहार करते थे, कभी प्यार से, कभी सख्त लहजे में हमें समझाते थे, परन्तु आज हम अपने बच्चों के दोस्त बन रहे हैं, हम उनसे उम्मीद करते हैं कि वे भी हमारे दोस्त बनें, इस पूरी प्रक्रिया में न हम दोस्त बन पा रहे हैं न ही अभिभावक। जो बात हम अपने अनुभव से उन्हें समझा सकते हैं, उनके लिए तय कर सकते हैं वो हम नहीं कर पा रहे क्योंकि हमारे बच्चे अपने निर्णय खुद लेना चाहते हैं, इसमें कुछ गलत नहीं है परन्तु अनुभव के आधार पर लिया गया निर्णय शायद गलत ना हो। दोस्ती भरा व्यवहार करें परन्तु अभिभावक वाला रूप न छोड़ें।

एकल परिवार के बढ़ते चलन ने हमसे संयुक्त परिवार के सारे सुख अलग कर लिए, दादा-दादी, नाना-नानी की कहानियों में छुपे जीवन के गूढ़ मंत्र खो गए, बड़ों द्वारा समझाई आपसी प्रेम, सद्भावना, एक दूसरे के प्रति मान सम्मान की भावना हमारे समाज से विलुप्त होती जा रही है। अगर हो सके तो अपने बच्चों को बड़ों की छत्रछाया में बढ़ने दीजिए, उनकी मन की गीली माटी को जो आकार बड़े बूढ़े देंगे वो आप और हम नहीं दे सकेंगे।

आज माता-पिता दोनों ही या तो नौकरी कर रहे हैं या बिज़नेस में व्यस्त हैं, ऐसे में अनेक बार हमारा ध्यान अपने बच्चे पर नहीं जाता है, हम उसके व्यवहार में होने वाले बदलाव को देख नहीं पाते हैं, हमें कोशिश करनी है कि आप दिन में एक या दो घंटे उसके साथ बिताएं, अपनी बातें, अनुभव साझा करें और उसके साथ हो रहे अनुभवों को सुनें, आपके बच्चे को यह विश्वास दिलाएं कि उसकी बड़ी से बड़ी भूल में भी आप उसके साथ हैं, अगर भूल करे तो समझाएं, अगर आदत बना ले तो सख्ती से उसका निराकरण करें।

एक अभिभावक के नाते हम हमेशा चाहते हैं कि हमारे बच्चे सुखमय जीवन जिएं, हम कोशिश करते हैं कि उसे किसी चीज़ की कमी न हो, अनेकों बार हम उसकी गलत फरमाइश को भी मान लेते हैं, हमें चाहिए कि हम हर चीज़ की सीमा तय करें, चाहे जेब खर्च हो, आने जाने का समय हो, दोस्तों से बात करने का समय आदि, हमें यह बात ध्यान रखनी चाहिए कि पतंग की डोर उसे बांधती नहीं है बल्कि उसे और ऊंचाइयों पर ले जाती है।

हर बच्चा अपने आप में अलग है, उसकी सोच, उसकी पहचान अलग है, उसमें और बाकी बच्चों में समानता न खोजें, प्रेम भाव का होना अच्छा है परन्तु अत्यधिक प्रेम बच्चे के लिए हानिकारक हो सकता है। एक तितली को तितली बनने से पहले अपने खोल से बाहर निकलने के लिए संघर्ष करना पड़ता है, सोना भी आग में तप कर खरा होता है, एक पत्थर जब अनेकों बार हतौड़ी से छिला जाता है तभी प्रभु की मूरत बनता है जिसे हम मंदिरों में पूजते हैं। थोड़ा संघर्ष बच्चों को करने दें, धूप में जलने दें, खट्टे-मीठे अनुभव लेने दें, अगर कुछ गलत हुआ तो हम हैं ही।

Thank you for reading this post!

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

स्वच्छता का महागुरु: इंदौर

https://localindore.in/wp-content/uploads/2026/02/or-Chhota-wala.mp4

Search

Recent Posts

  • दूषित पानी बन रहा किडनी का दुश्मन, हर 10 में से 1 मरीज इससे पीड़ित
  • इंदौर के चंदन नगर चौराहे पर बनेगा 6-लेन फ्लाईओवर
  • इंदौर रेलवे स्टेशन का ₹412 करोड़ से हो रहा विश्वस्तरीय कायाकल्प
  • लेडी IAS के फार्महाउस में हाई-प्रोफाइल जुआ महफिल, 18 गिरफ्तार
  • इंदौर के केयर सीएचएल हॉस्पिटल्स में मनाया महिला दिवस

RSS MPinfo Hindi News

  • प्रदेश में घरेलू गैस की कोई कमी नहीं-निर्बाध आपूर्ति रहेगी जारी: मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • बेहतर समन्वय से केन्द्र सरकार के मंत्रालयों से मिल रहा है पूरा सहयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में जल प्रबंधन के लिये की जा रही हैं जनभागीदारी
  • जल संरक्षण के लिए करें नवाचार, जल स्त्रोतों की सुरक्षा के हों प्रबंध : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
  • सरसों की खरीदी के लिये भावांतर भुगतान योजना को मिली केन्द्र से स्वीकृति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

RSS MPinfo English News

  • No Shortage of Domestic Gas in State—Uninterrupted Supply to Continue: CM Dr. Yadav
  • Better Coordination Ensuring Full Support from Union Ministries: Chief Minister Dr. Yadav
  • Centre Approves Bhavantar Payment Scheme for Mustard Procurement: CM Dr. Yadav
  • Under Leadership of Chief Minister Dr. Yadav, Public Participation Promoted in Water Management
  • Chief Minister Dr. Yadav to Transfer ₹1,836 Crore to Accounts of 1.25 Crore Ladli Behnas

Archives

Local Indore

  • About localindore.in
  • Privacy Policy
  • Write to Us!!
©2026 Local Indore | Design: Newspaperly WordPress Theme